विप्र सेना राजस्थान की संगठनात्मक कोर कमेटी की बैठक में संगठन की मजबूती, विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। संगठन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका उद्देश्य आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाना है। विप्र सेना राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी और संभाग स्तरीय प्रमुख पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित “संगठनात्मक कोर कमेठी बैठक” रविवार को हुई। बैठक जयपुर स्थित फोर्टे रेस्टोरेंट, महल रोड पर संपन्न हुई। इस विशेष चिंतन-सत्र में प्रदेशभर से वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि और विभिन्न प्रकोष्ठों के दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। धर्मनिष्ठ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पं. मनीष शर्मा के संयोजन में मंगलाचरण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को पं. रोहित नगर महाराज (कामखेड़ा सरकार) के सान्निध्य एवं प्रेरक आशीर्वचनों का विशेष लाभ मिला। अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में होती है संगठन की शक्ति पं. रोहित नगर महाराज ने कहा कि जो संगठन सेवा, संस्कार और समाजहित को अपना ध्येय बनाता है, वही समाज में स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है। संगठन की शक्ति उसके अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का किया जिक्र कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज सेवा, सामाजिक समन्वय, युवा जागरण और संगठन विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने आगामी पांच सालों के लिए संगठन के पुनर्गठन, संविधान निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था, डिजिटल सदस्यता अभियान और सेवा आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है विप्र सेना प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि विप्र सेना अब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी से अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि आने वाला समय संगठन की नई पहचान का समय होगा। संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए बन सकती है प्रेरणा राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वेश शरण जोशी ने विप्र सेना की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को लेकर कहा कि राजस्थान की संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के विस्तार, चिकित्सा सेवा प्रकल्पों और सामाजिक सेवा के नए आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाना ही संगठन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। युवाओं को बताया संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बैठक के युवा सत्र में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मेहता ने अक्टूबर में प्रस्तावित प्रदेश युवा अधिवेशन की तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रत्येक जिले से युवा नेतृत्व तैयार करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष रवि जोशी ने राष्ट्रीय स्तर पर युवा विस्तार, प्रवास योजना एवं विधि प्रकोष्ठ के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवाओं को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। महिला प्रकोष्ठ के विशेष सत्र में प्रदेश अध्यक्ष पूनम आचार्य ने प्रस्तावित महिला अधिवेशन, महिला संगठन विस्तार एवं महिला नेतृत्व विकास की योजनाओं की घोषणा की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्योति आशीर्वाद, डॉ. मेघना शर्मा, मधु शर्मा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका शर्मा ने महिला सशक्तिकरण एवं समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। प्रदेश संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने एकल महिला पेंशन योजना के माध्यम से समाज सेवा के नए आयाम प्रस्तुत किए। युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का किया आह्वान अंतिम सत्र में विप्र सेना प्रमुख श्री सुनील तिवाड़ी ने संगठन की दीर्घकालीन कार्यदृष्टि प्रस्तुत करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में विप्र सेना को सेवा, संस्कार, संगठन और सामाजिक नेतृत्व का आदर्श बनाना ही सभी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने संगठन की एकजुटता और निरंतर संवाद को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। जयपुर जिला अध्यक्ष अजीत जोशी एवं अश्विनी शर्मा ने युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने “संगठन संकल्प-2026” को सामूहिक रूप से स्वीकार करते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले, विधानसभा, नगर, ग्रामएवं वार्ड तक संगठन का विस्तार करने, प्रत्येक जिले में महिला एवं युवा प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने, संगठन का संविधान तैयार करने, डिजिटल सदस्यता अभियान प्रारंभ करने, नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने और सेवा एवं संस्कार आधारित कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी समय में प्रदेश युवा अधिवेशन , महिला अधिवेशन, प्रदेश वरिष्ठ चिंतन अधिवेशन, ब्रह्म चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ का प्रदेश अधिवेशन और संभाग स्तरीय विप्र जागृति रथ यात्रा सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों में संगठन के प्रति विशेष उत्साह, आत्मविश्वास एवं समर्पण का भाव दिखाई दिया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विप्र सेना का आगामी चरण केवल संगठन विस्तार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, संस्कार और सामाजिक नेतृत्व की नई पहचान स्थापित करने का होगा। जिला संगठन सुझाव सत्र में दीपक सुल्तानिया, सुनील पीढ़ी, योगेश व्यास, जोगेंद्र राजपुरोहित, दिनेश गौड़,अमित त्रिवेदी, सुरेश पारीक और अजयकांत शर्मा ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए जिला एवं संभाग स्तर पर संगठन विस्तार, जागृति रथ यात्रा, पथ संचलन, जिला अधिवेशन और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश के पदाधिकारी एवं सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।