पंजाब में सीएम मान ने मांवां धियां सत्कार योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं के खाते में 3000 और एससी महिलाओं के खाते में 4500 रुपए डाल दिए। सरकार अपनी इस योजना का खूब प्रचार प्रसार कर रही है। सरकार की यह योजना शुरू होते ही पंजाब में सियासी घमासान शुरू हो गया। भाजपा महिला मोर्चा ने AAP सरकार से 51 हजार रुपए मांगे हैं। उनका कहना है कि आप सरकार बने 51 महीने हो गए हैं ऐसे में हर महिला को 51 हजार रुपए मिलने चाहिए। सरकार ने 3-3 हजार रुपए डालकर महिलाओं के 48-48 हजार रुपए दबा दिए। महिला मोर्चा ने जिला अध्यक्ष शीनू चुग के नेतृत्व में घंटाघर चौक में रोष प्रदर्शन किया और सीएम भगवंत मान के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा का सीधा आरोप है कि सरकार महिलाओं के साथ ‘वोट बैंक’ की राजनीति और ‘जातिगत भेदभाव’ कर रही है। वर्गों में बांटने का नया पैंतरा शीनू चुग ने कहा कि सरकार महिलओं को आर्थिक सहायता देने में भी भेदभाव कर रही है। सरकार के नए फैसले के मुताबिक, सामान्य वर्ग की महिलाओं को केवल ₹1,000 प्रति माह जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह देने का निर्णय लिया गया है। अगर सरकार कोई जन-कल्याणकारी या आर्थिक सहायता योजना लागू कर रही है, तो उसमें यह भेदभाव क्यों? क्या सामान्य वर्ग की गरीब महिलाओं की जरूरतें अलग हैं? सरकार महिलाओं को समान हक देने के बजाय उन्हें जातियों में बांटकर अपनी नाकामी छुपाना चाहती है। महिलाओं को सुरक्षा दे सरकार घंटाघर चौक पर हुए इस प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां थामे महिलाओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह लड़ाई सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और समानता की है। इसके अलावा उन्होंने सरकार को कहा कि महिलाओं को राज्य में सुरक्षा दी जाए। भाजपा ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार ₹51,000 का अपना पुराना वादा पूरा नहीं करती और सभी पात्र महिलाओं को समान राशि नहीं देती, तब तक अलग अलग जगहों पर इस तरह सरकार को घेरा जाएगा।
