जैसलमेर. शहर गहरी नींद में होता है, सडक़ें सुनसान नजर आती हैं और अधिकांश लोग अपने घरों में आराम कर रहे होते हैं। लेकिन इसी समय जिला मुख्यालय स्थित जवाहिर चिकित्सालय के ट्रोमा वार्ड का आपातकालीन वार्ड पूरी तरह सक्रिय रहता है। यहां रात भर मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहता है और चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ हर चुनौती का सामना करते हुए मरीजों को राहत पहुंचाने में जुटे रहते हैं। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान पत्रिका टीम ने आधी रात को जवाहिर चिकित्सालय पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं और चिकित्सकों की कार्यशैली को करीब से देखा। करीब आधी रात के समय अस्पताल की इमरजेंसी में लगातार मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इनमें किसी को आवारा श्वान ने काट लिया तो किसी को सांस में तकलीफ थी। उपचार करवाने आने वालों में करीब 5 वर्षीया बालिका भी थी, जिसे बुखार के लक्षण थे। ऐसे ही लो बीपी के मरीज को लेकर भी परिजन अस्पताल पहुंचे। रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉ. जयप्रकाश बिना किसी विलंब के मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार शुरू करते नजर आए। जरूरत पडऩे पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी संपर्क किया जाता है, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
