राजस्थान के 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद को सुलझाने के लिए जयपुर में हाईलेवल मीटिंग हुई। सरकार की ओर से तीन मंत्रियों और दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। शिक्षा संकुल के माधव सभागार में मंगलवार शाम 8 बजे कमांड एरिया के किसान बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। इसके बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी नाराज होकर बाहर निकल आए। बैठक में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री सुरेश सिंह रावत और मंत्री जवाहर सिंह बेढम मौजूद रहे। तीनों मंत्रियों ने करीब दो दशक से चले आ रहे विवाद का समाधान निकालने के लिए दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। जल संसाधन मंत्री बोले- समाधान में समय लगेगा जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा- यह विवाद 20 साल पुराना है। इसके समाधान में थोड़ा समय लगेगा। एक दौर की वार्ता से इसका समाधान संभव नहीं है। आज बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी, लेकिन जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के नाराज होकर जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब पर रावत ने कहा- ऐसा नहीं था। जब दो पक्षों में किसी मुद्दे पर बात होती है तो सभी अपना पक्ष रखते हैं इसे विवाद कहना गलत है। इसे आपसी संवाद कहा जाए तो ज्यादा बेहतर रहेगा। 74 गांव आमने-सामने करौली जिले के पांचना बांध को लेकर करीब 20 साल से जल वितरण को लेकर विवाद बना हुआ है। इस विवाद में कुल 74 गांव दो पक्षों में बंटे हुए हैं। एक ओर कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान हैं, जो सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती और फसलों के लिए समय पर पानी मिलना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नहरों में पानी छोड़ने से डूब क्षेत्र के गांवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनकी समस्याएं बढ़ेंगी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। समझौते के ड्राफ्ट पर अटकी बातचीत सूत्रों के अनुसार- बैठक के दौरान समझौते के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन जब ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की बात आई तो दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई। बैठक के दौरान कमांड एरिया के किसानों ने पहले मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से अलग से बातचीत की। इसके बाद भी जब कोई ठोस सहमति नहीं बनी तो वे बैठक छोड़कर बाहर आ गए। किसानों ने जताई नाराजगी बैठक से बाहर निकलने के बाद कमांड एरिया के किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- जब मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई बात का भी पालन नहीं किया जा रहा है तो ऐसी बैठक में बैठे रहने का कोई औचित्य नहीं है। यदि पहले से हुए आश्वासनों को ही लागू नहीं किया जाएगा तो नई बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। बैठक से बाहर आए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की पहल को सरकार सफल नहीं होने देना चाहती। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह खबर भी पढ़ें… पांचना-बांध विवाद पर हाईकोर्ट नाराज, कहा-पानी क्यों नहीं दे रहे:15 दिन का दिया समय; कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा पांचना बांध से पानी छोड़ने के विवाद के बीच राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जताई हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहरों में पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
