कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पलटवार किया है। दरअसल, गहलोत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का पक्ष लेते हुए किरोड़ी लाल मीणा पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने का बयान दिया था। अब किरोड़ी लाल ने गहलोत को ‘गांधारी-दर्शन’ छोड़कर सच का सामना करने की सलाह दी है। गहलोत पर निशाना साधते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा- गांधी दर्शन की बात करने वाले अशोक गहलोत को गांधारी-दर्शन त्यागकर सत्य का सामना करना चाहिए। प्रदेश के मुखिया के रूप में पांच वर्षों तक कुशासन देने वाले अशोक गहलोत आज तथ्यों की माँग कर रहे हैं, जबकि तथ्य उनकी सरकार के काले कारनामों की गवाही खुद देते आ रहे हैं। गहलोत राज में रीट भर्ती महाभ्रष्टाचार का कुंभ साबित हुई किरोड़ी लाल मीणा ने आगे लिखा- जल जीवन मिशन में हुए घोटालों के तथ्यों के आधार पर ही कांग्रेस सरकार के आपके खासमखास मंत्री महेश जोशी आज जेल की हवा खा रहे हैं। REET भर्ती परीक्षा को उनके प्रिय शिक्षा मंत्री ने ‘महाकुंभ’ कहा था, लेकिन वह युवाओं के सपनों के साथ महाभ्रष्टाचार का कुंभ सिद्ध हुआ। आखिरकार मेरे द्वारा जुटाए गए तथ्यों के आधार पर ही गहलोत साहब को रीट लेवल-2 की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। SI भर्ती परीक्षा में भी मेरे द्वारा अनियमितताओं के तथ्य प्रस्तुत करने पर कार्रवाई हुई, जिसके बाद आयोग के सदस्य और फर्जी तरीके से चयनित अभ्यर्थी जेल गए। गहलोत सत्ता के मोह में पांच साल कुर्सी से चिपके रहे किरोड़ी लाल ने लिखा- RAS भर्ती परीक्षा में कांग्रेस सरकार में बैठे लोगों द्वारा किए गए घिनौने खेल से तो पूरा प्रदेश अच्छी तरह परिचित है। गहलोत साहब खुद सत्ता के मोह में किसी भी कीमत पर पाँच साल तक कुर्सी से चिपके रहे और उनके मंत्रियों व विधायकों ने प्रदेश को भ्रष्टाचार, लूट और प्रशासनिक अराजकता की आग में झोंक दिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आगे लिखा- गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज ने ‘श्रीरामचरितमानस’ में सत्य ही लिखा है- ‘पर उपदेस कुसल बहुतेरे। जे आचरहिं ते नर न घनेरे। — यह खबर भी पढ़िए… किरोड़ीलाल मीणा बोले- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए:1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे; जनहित में लड़ा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए। हम आंदोलन करते थे तो मुकदमे लगा देते थे। 1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे हैं। जनता के हित में लड़ने के कारण मुकदमे लगे। पढ़ें पूरी खबर
