उदयपुर में नगर निगम की टीम ने लगातार दूसरे दिन फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वालों पर बड़ा एक्शन लिया। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर टीम ने गुरुवार को शहर के चार बड़े कमर्शियल प्रतिष्ठानों को सीज कर दिया। इन सभी को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन इन्होंने लापरवाही जारी रखी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। उधर, मानसून को देखते हुए निगम आयुक्त ने फतहसागर को भरने वाली मदार नहर और गुमानिया वाला नाला की सफाई व्यवस्था का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
4 प्रतिष्ठान सीज किए, पहले दी थी चेतावनी
नगर निगम की टीम ने जिन चार जगहों को सीज किया, उनमें सेक्टर-3 की मीरा होटल, गुलाब बाग स्थित ग्रैंड सीता होटल, सेक्टर-14 का एक रेस्टोरेंट और सेक्टर-3 सेवा आश्रम स्थित ग्रैंड गिफ्ट कॉम्प्लेक्स में चल रही एक कोचिंग शामिल है। सीएफओ बाबूलाल चौधरी ने बताया कि इन जगहों पर जांच के दौरान आग बुझाने के जरूरी इंतजाम नहीं मिले। न तो वहां इमरजेंसी के समय बाहर निकलने का कोई रास्ता था और न ही इन लोगों ने फायर एनओसी ले रखी थी। बार-बार नोटिस देने के बाद भी जब संचालकों ने सुधार नहीं किया, तो लोगों की जान की सुरक्षा के लिए यह सख्त कदम उठाना पड़ा। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने साफ कर दिया है कि उदयपुर में अब बिना फायर एनओसी के एक भी कमर्शियल बिल्डिंग या दुकान नहीं चलने दी जाएगी। जब तक ये संस्थान पूरे इंतजाम करके फायर एनओसी नहीं ले लेते, तब तक इनके ताले नहीं खुलेंगे। उन्होंने शहर के सभी व्यापारियों से इसमें सहयोग करने की अपील की है। कार्रवाई के दौरान फायर ऑफिसर शिवराम मीणा, नवदीप सिंह बग्गा और सीआई मांगीलाल डांगी मौजूद रहे। मदार नहर का दौरा, निकले 5 डंपर कचरा
मानसून की तैयारियों को लेकर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना खुद फील्ड में उतरे। उन्होंने हेल्थ ऑफिसर सत्यनारायण शर्मा को साथ लेकर फतहसागर झील को भरने वाली मदार नहर का बारीकी से निरीक्षण किया। आयुक्त ने देखा कि नहर में कई जगह कचरा और झाड़ियां फंसी हैं, जिससे बारिश का पानी रुक सकता है। उन्होंने तुरंत अतिरिक्त टीमें लगाकर सफाई के निर्देश दिए। कमिश्नर के आदेश पर मौके से तुरंत पांच डंपर कचरा और गंदगी बाहर निकाली गई। इसके साथ ही गुरुवार से ही शहर के प्रमुख गुमानिया वाला नाला को साफ करने का काम भी युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया गया है ताकि बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की स्थिति न बने।