बाड़मेर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सर्व धर्म शांति सभा की गई। मीडिया बातचीत में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- उनका काम है नफरत फैलाना, विवादित बयान देना और एक-दूसरे को उलझाना है। यही उनकी आदत है। थार के लोग इस मंशा को पूरी होने नहीं देंगे। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा- बॉर्डर पर की जा रही कार्रवाई असंवैधानिक और गैरकानूनी है। वे थार की अपणायत को तोड़ना चाहते हैं। लेकिन हम लोग एकजुट हैं। बुधवार को सर्वसमाज के लोग महावीर पार्क के पीछे इकट्ठे हुए। वहां पर सरकार के खिलाफ बयानबाजी की गई। वहां से मौन जूलूस निकालते हुए विवेकानंद सर्किल से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उनके हाथों में अलग-अलग स्लोगन की तख्तियां थी। वहां पर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को दिया। बता दें कि पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाक बॉर्डर के पास सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई की गई थी। इसी के खिलाफ जुलूस निकाला गया। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे लोग मौन जूलूस के दौरान लोगों के हाथ में तख्तियां ली हुई थी। इसमें लिखा था- सबसे बड़ा धर्म इंसानियत, नफरत छोड़ो, मोहब्बत जोड़ो, हमारी पहचान भाईचारा और इंसानियत। इसमें बड़ी संख्या में अलग-अलग समाज के लोग शामिल हुए। तुगलकी फरमान के तहत हो रही है कार्रवाई सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल- सदियों से थार में एक-दूसरे में भाईचारा रहा है और सुख-दुख में शामिल हुए है। बिना धार्मिकता को देखे बगेर समानता के भाव एक दूसरे के साथ रहे हैं। देश के ऊपर जब भी संकट आए तब थार के लोगों ने देश की सेना का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है। कभी इस इलाके में अप्रिय घटनाएं नहीं हुई है। जैसे दंगे, देश के विरोध की कोई घटना नहीं हुई है। बिना कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए एक द्वेष भाव के तहत एक तरफा धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की जा रही है। एक तुगलती फरमान के तहत कार्रवाई की जा रही है। इससे थारवासियों के दिल की भावना को ठेस पहुंची। आज सभी धर्मो के लोग यहां पर आए और प्रशासन को संदेश देने के लिए आए कि हम सब एक हैं। पूर्व मंत्री के बयान पर पलटवार, सांसद बोले- उनका काम नफरत फैलाना पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के बयान पर सांसद ने कहा- सब आदमी को मूलभूत सुविधा देने का अधिकार है। अगर किसी जगह कम आबादी वाले इलाके में सड़क बना दी है तो गलत काम नहीं किया। धर्मस्थल वाली बात कैलाशजी से पूछें उनको अच्छी तरह से पता है। उम्मेदाराम ने आरोप लगाया कि उनका काम है नफरत फैलाना। विवादित बयान देना और एक दूसरे का उलझाना यह उनकी आदत है। थार के लोग यह पूरी होने नहीं देंगे। बॉर्डर पर अतिक्रमण की कार्रवाई गैर संवैधानिक और गैर कानूनी बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा- थार के हर धर्म और जाति के लोग एकजुट होकर पहले शांति मार्च निकाला। फिर राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन दिया। सदियों से हम एक है। आज भी एक है। दुनिया की कोई भी ताकत हमें अलग नहीं कर पाई और नही आज कर पा रही है। जो भी कार्रवाई हो वो संवैधानिक दायरे में हो। बीते दिनों इंटरनेशनल बॉर्डर पर जो कार्रवाई हो रही है। उस कार्रवाई से प्रतीत हो रहा है कि गैर संवैधानिक, गैर कानूनी है। तमाम नियमों और कानून को कुचला जा रहा है। इकलौते मकसद से थार का भाईचारा, अपनायत को कैसे कुचला जाए। आरोप- माहौल खराब करने का प्रयास विधायक ने कहा- केवल एक पक्ष के धर्मस्थल को टारगेट कर तोड़ा गया। यह कार्रवाई करने के पीछे मकसद यह था कि यह वर्ग शिकायत करेगा। उन्होंने सहन कर लिया। धर्मस्थल में आस्था रखने वाले समुदाय ने सहन कर लिया। उनकी मंशा थी कि आपस में विवाद करें, विरोध करें, शिकायत करें। नियम और कानून के अंतर्गत उसको भी ध्वस्त करवाएं जिससे माहौल खराब हो। लेकिन थार ने सहन किया। किसी को भी 15 दिन पहले नोटिस नहीं मिला है। जबरदस्ती और दबाव से ध्वस्त किया गया।
