जोधपुर के पावटा हॉस्पिटल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी तरह का कोई इंफेक्शन नहीं मिला है। मंगलवार को ऑपरेशन थियेटर की प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। बता दें कि शनिवार को सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद ओटी, दवाइयों और मरीजों के सैंपल लिए गए थे। वहीं ​पावटा में भर्ती जिन 6 प्रसूताओं के सैंपल लिए गए थे, उनकी भी ब्लड कल्चर, यूरिन और वेजाइनल स्वाब की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। लेकिन, इनमें माइल्ड यानी हल्का इंफेक्शन मिला है। इधर, मंगलवार को एम्स और मेडिकल कॉलेज की टीम भी पावटा हॉस्पिटल पहुंची। यहां होने वाले ऑपरेशन की एसओपी और इसमें शामिल डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के बयान भी लिए। शनिवार को ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार शनिवार को पावटा डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल में 8 प्रसूताओं (तसलीम शाह, गट्टू, नंदू कंवर, पायल, संतोष, प्रियंका, ललिता और सोनू) की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद इन सभी 8 प्रसूताओं की तबियत खराब होने लगी। ऑपरेशन के बाद ही ब्लीडिंग और यूरिन की समस्या आने लगी। गंभीर ललिता और सोनू को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। वहीं बाकी 6 प्रसूताओं का इलाज पावटा में ही चल रहा है। इनके शनिवार को यूरीन, ब्लड कल्चर और वेजाइनल स्वाब के सैंपल लिए थे। पीएमओ डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- इनके सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इनमें हल्का इंफेक्शन था, जिसके बाद इन्हें हायर एंटीबॉयटिक पर रखा गया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ऑपरेशन थियेटर की भी रिपोर्ट आ गई है, जो प्रारंभिक तौर पर निगेटिव आई है। हालांकि इसकी डिटेल्ड रिपोर्ट आने में एक से दो दिन लगेगा। तब तक ओटी बंद रहेगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व सोमवार को सिजेरियन डिलीवरी के समय प्रसूताओं को सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन (ड्रिप) की सप्लाई पर रोक लगा दी थी। एम्स और मेडिकल कॉलेज की टीम पहुंची पावटा हॉस्पिटल पीएमओ डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- मंगलवार को एम्स और मेडिकल कॉलेज की टीम भी पावटा आई थी। दोनों टीमों ने ओटी के प्रोटोकॉल से लेकर बाकी सारे रिकॉर्ड भी देखे। इस दौरान एम्स की टीम ने पेशेंट से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि टीम ने स्टाफ से बातचीत कर ऑपरेशन की पूरी एसओपी जानी। ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ से भी बातचीत की। अधिकारियों के साथ किया रिव्यू हर प्रसूता की रोजाना हेल्थ जांच होगी प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल एंड हेल्थ डिपार्टमेंट की रिव्यू बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी को गर्भवती और प्रसूता महिलाओं के नियमित हेल्थ चेकअप, हीमोग्लोबिन टेस्ट, स्क्रीनिंग और फॉलोअप के निर्देश ​दिए। साथ ही कहा- एनीमिया और दूसरे हेल्थ से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित महिलाओं की पहचान कर उनकी मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए आशा सहयोगिनियों, बीसीएमओ एवं आरसीएचओ के माध्यम से इन्हें ट्रैक करने के लिए कहा गया। ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; चिकित्सा मंत्री बोले- 50% महिलाएं सीजेरियन चाहती हैं, वे दर्द नहीं चाहती प्रसूताओं को लगाए गए ड्रिप सहित 25 दवा-इंजेक्शन पर रोक:7 दिन पहले हुई थी पहले बैच की सप्लाई, पहली बार 8 महिलाओं को लगा था गहलोत बोले-वसुंधरा सरकार में अच्छे मंत्री थे खींवसर:इस बार पता नहीं कौनसा ग्रहण लग गया, बयान उल्टे पड़ रहे है प्रसूता का पति बोला- डिलीवरी से पहले सही थी पत्नी:अब कुछ हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी; फेफड़ों में पानी भरा, लीवर-किडनी पर असर

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