ट्राईसिटी में अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से आंदोलन कर रहे कैब चालकों के समर्थन में अब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी उतर आए हैं। वड़िंग ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर ड्राइवरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई। कैब चालकों का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां किराए का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में काट रही हैं, जबकि बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और वाहन खर्चों के कारण उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। ड्राइवर बोले- मेहनत हमारी, मुनाफा कंपनियों का प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि ओला और उबर जैसी कंपनियां कुल किराए का 30 से 40 प्रतिशत तक हिस्सा कमीशन के रूप में ले रही हैं। दूसरी ओर ईंधन, वाहन की ईएमआई, बीमा और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ड्राइवरों के अनुसार, रोजाना 14 से 16 घंटे तक वाहन चलाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित आय नहीं मिल रही। इसका असर न केवल उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। राजा वड़िंग ने सरकार से की कार्रवाई की मांग धरना स्थल पर पहुंचे राजा वड़िंग ने कहा कि हजारों कैब चालक कंपनियों की नीतियों के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। वड़िंग ने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे ड्राइवरों का शोषण न हो और कंपनियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। 15 दिन से जारी है आंदोलन कैब चालक पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कमीशन दरों में कमी, उचित किराया नीति लागू करना और एग्रीगेटर कंपनियों के लिए स्पष्ट सरकारी नियम तय करना शामिल है। चालकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।