पठानकोट जिले में सुजानपुर के कैलाशपुर इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर निकले एक 55 वर्षीय व्यक्ति के नहर के तेज बहाव में बह जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। लापता व्यक्ति की पहचान राज कुमार के रूप में हुई है। इस घटना की जानकारी परिजनों को शाम के समय मिली, जिसके बाद से ही पूरे इलाके में शोक की लहर है और लापता व्यक्ति की तलाश की जा रही है। नहर के किनारे संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, राज कुमार रोजाना की तरह रविवार सुबह भी सैर करने के लिए घर से निकले थे। सैर करते हुए वे सुजानपुर पुल नंबर 4 के पास नहर के किनारे पहुंचे थे। आस-पड़ोस के लोगों और चश्मदीदों के मुताबिक, वे संभवतः पानी पीने या कुछ देर सुस्ताने के लिए नहर के बिल्कुल किनारे बैठ गए थे। इसी दौरान, नहर में पानी का जलस्तर अचानक बढ़ने और तेज बहाव होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे अनियंत्रित होकर सीधे उफनती नहर में जा गिरे। पानी का बहाव इतना तेज था कि वे देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए। शाम को मिली परिजनों को खबर, सदमे में परिवार घटना के कई घंटों बाद शाम करीब 4:30 बजे परिजनों को इस हादसे की भनक लगी, जिसके बाद से ही उनके घर में कोहराम मचा हुआ है। राज कुमार के भांजे ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हमें शाम को साढ़े चार बजे के करीब पता चला कि मामा जी सुबह सैर पर गए थे और नहर का बहाव तेज़ होने के कारण उसमें गिर गए हैं। हम प्रशासन से हाथ जोड़कर मांग करते हैं कि या तो नहर के पानी का बहाव कम किया जाए या पानी को तुरंत बंद किया जाए, ताकि उन्हें ढूंढने में कोई मदद मिल सके।” “पानी बंद किए बिना शव ढूंढना असंभव” लापता राज कुमार के भाई अमित कुमार ने भी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से रोते हुए गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उनके भाई हर रोज पुल नंबर 4 की तरफ टहलने जाते थे और पानी लेते समय यह हादसा हुआ है। उन्होंने सिंचाई विभाग से अपील की है कि नहर के पानी की सप्लाई को तुरंत रोका जाए क्योंकि नहर के इस रौद्र रूप और तेज बहाव में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना या शव को ढूंढ पाना पूरी तरह असंभव है। घटना के बाद से स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सिंचाई विभाग को निर्देश दिए जाएं और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया जाए।