राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा उपखंड स्थित ग्राम सुजातनगर में नट समाज उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने नट समुदाय को शिक्षा के माध्यम से अपने कौशल को निखारने और उत्थान की ओर बढ़ने का आह्वान किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर श्री दादी रूपा सती के वार्षिक मेले में भी शिरकत की। कार्यक्रम में नट समाज उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कुशाल नट सहित समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का 51 किलो फूलों की माला, साफा और प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल बागडे ने घुमंतू समुदायों के ऐतिहासिक योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि नट समाज ने महाराणा प्रताप के संघर्षों और स्वतंत्रता आंदोलन सहित विभिन्न ऐतिहासिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्यपाल ने नट समुदाय की पारंपरिक कला और कौशल को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताया। युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की प्रशंसा राज्यपाल ने नट समाज के युवा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों और उनके एकाग्रता कौशल की प्रशंसा की, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह बौद्धिक क्षमता विकसित करने, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करने का माध्यम है। राज्यपाल ने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ने और सरकारी स्कूलों व छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला। युवाओं से सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का आह्वान उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया, साथ ही परंपराओं को संजोते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने को सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने नट समुदाय की विभिन्न मांगों को भी सुना। उन्होंने चिकित्सा, आवास और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।