देश के कुख्यात नकबजन सतपाल फौजी को शुक्रवार रात जयपुर पुलिस ने अरेस्ट किया है। झोटवाड़ा इलाके में नकबजनी के मामले में उसके साथी को भी पकड़ा गया है। गैंग के सरगना कुख्यात नकबजन सतपाल ने जेल में बंद बदमाशों से दोस्ती कर देशभर में नकबजनी के लिए अपनी गैंग बनाकर खड़ी कर डाला। देशभर के विभिन्न थानों में 66 केस दर्ज होने के बाद अब पुलिस से बचने के लिए वह हुलिया बदलने के लिए मुखौटा बनवा रहा था। पुलिस गिरोह के मेंबर को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- नकबजनी में गैंग के सरगना सतपाल सिंह चौहान उर्फ सतपाल फौजी (46) निवासी आईएमटी सेक्टर-7 मानेसर गुरुग्राम हरियाणा और पवन कुमार तंवर (39) निवासी कनीना महेन्द्रगढ़ हरियाणा को अरेस्ट किया है। गिरफ्तार सरगना सतपाल फौजी देश का कुख्यात नकबजन है। फौज में रह चुका है। मानेसर के आईएमटी पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर सतपाल फौजी के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में 66 केस दर्ज है। वह हत्या, फायरिंग, नकबजनी और मारपीट जैसे आपराधिक मामलों में कई बार जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के कुछ गहने-कैश व वारदात में यूज बोलेनो कार जब्त की है। पुलिस टीम गिरोह के अन्य मेंबर की तलाश में दबिश दे रही है। CCTV फुटेज के आधार पर मिलाया हुलिया
झोटवाड़ा थाना पुलिस की ओर से 1 हजार से अधिक CCTV के फुटेजों को खंगाला गया। तकनीकी टीम के कॉन्स्टेबल राजमहेन्द्र सिंह को इनपुट मिला। कासन गुरुग्राम हरियाणा का रहने वाला सतपाल फौजी दिन में सूने फ्लैटों में नकबजनी की वारदात करता है। 10 फरवरी-2026 को ही उदयपुर जेल से जमानत पर बाहर आया है। चाल-ढाल व शरीर के हुलिए से मिलान करने पर सतपाल फौजी के वारदात करना पता चला। पुलिस टीम ने उसके छिपने के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीम ने आरोपी सतपाल सिंह चौहान उर्फ सतपाल फौजी और उसके साथ पवन कुमार तंवर को डिटेन किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी गैंग के अन्य मेंबर की मदद से नकबजनी करना कबूल किया। पूछताछ में सामने आया है कि सरगना सतपाल फौजी हुलिया बदलने के लिए मुखौटा (चेहरा) बनावा रहा था। जिसके लिए अपने दोस्त को 2 लाख रुपए बदले में दे रखे थे। देशभर में फैले गैंग के बदमाश
डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया- मानेसर गुरुग्राम में साल-2004 में हत्या-फायरिंग मामले में सतपाल सिंह उर्फ फौजी जेल गया था। लम्बे समय तक जेल में रहने के दौरान अन्य गैंगों से कॉन्टैक्ट कर दोस्ती की। देश के अलग-अलग राज्यों के बदमाशों से दोस्ती कर गैंग बनाई। जमानत होने के बाद वर्चस्व बनाने के लिए लोकल लड़कों को लालच देकर अपने साथ जोड़ लिया। चोरी-नकबजनी में अच्छा माल मिलने से लालच में लेकर धीरे-धीरे देश के अन्य शहरों में भी चोरी की वारदात शुरू कर दी। रुपयों का लालच देकर अपने रिश्तेदार, दोस्त व गांव के लड़कों को यूज करने लगा। इसकी गैंग को फोजी गैंग के नाम से जाना जाता। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश और साउथ इंडिया में सक्रिय है। बड़े ही शातिराना तरीके से हुलिया बदल कर अन्य शहरों में खुद की ओर से वाहन को वारदातस्थल से दूर खड़ा करता। रैकी के बाद गैंग के साथ मिलकर नकबजनी-चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते।