Rajesh Exports: सेबी ने एक ऐसा मामला उजागर किया है, जो भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास की सबसे बड़ी धोखाधड़ियों में से एक बन सकता है। यह कंपनी राजेश एक्सपोर्ट है, जो गोल्ड और ज्वैलरी कारोबार से जुड़ी है। यह कंपनी सोने को रिफाइन करती है, जूलरी डिजाइन करती है और उसे बेचती है। बाजार नियामक SEBI ने कंपनी और उसके एमडी राजेश मेहता के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी करते हुए वित्तीय रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों, फंड के संदिग्ध इस्तेमाल और कॉरपोरेट गवर्नेंस में गंभीर खामियों की बात कही है। सेबी का आरोप है कि कंपनी ने कई सालों तक अपने वित्तीय आंकड़ों को ऐसे पेश किया, जिनसे कारोबार की तस्वीर वास्तविकता से कहीं बड़ी दिखाई गई। नियामक को शुरुआती जांच में ऐसे कई लेनदेन मिले हैं, जिनकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
