पाली की गलियों में अब डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के लिए पॉल्यूशन फ्री वाहन (CNG-EV ) घूमते नजर आएंगे। जिससे वायु प्रदूषण भी नहीं होगा। खास बात यह है अब हर घर के बाहर स्मार्ट कार्ड लगेगा। जिसे स्कैन करने पर पता चल जाएंगा कि इस घर से कचरा उठाया गया है या नहीं। इसके साथ ही निगम में एक कंट्रोल रूम बनेगा। जिसमें कचरा एकत्रित करने वाले वाहनों की लोकेशन और वह गाड़ी कौनसे रूट पर चल रही है। इसका भी पता चलेगा। पहले 60 और अब हुई 65 गाड़ियां
डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के लिए निगम की ओर से पूर्व में किए गए टेंडर का टाइम पूरा होने पर निगम ने नया टेंडर दो साल के लिए किया। इसमें 65 ट्रीपर गाड़ियां ठेकेदार ने लगाई है। जिसमें 62 CNG और 03 गाड़ी EV है। शहर के मोहल्लों में घूम-घूम कर कचरा एकत्रित करने के बाद यह वाहन पांच मौखा पुलिया के पास एकत्रित करेंगे। जहां से दो डम्पर और जेसीबी की सहायता से इस कचरे को खेतावास स्थित सोलिड वेस्ट प्लांट तक ले जाने का काम यह कम्पनी करेगी। इसके बदले दो साल के लिए निगम उन्हें 19 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह है इन गाड़ियों की खासियत
सभी गाड़ियां पॉल्यूशन फ्री है। जिससे वायू प्रदूषण नहीं होगा। इसके साथ ही 1200 किलो कचरा उठाकर ले जाने की क्षमता इन वाहनों में है। गीला-सूखा कचरा एकत्रित करने के लिए अलग-अलग बॉक्स गाड़ी में है। साथ ही इसमें दो अलग से बॉक्स दिए गए है। एक बॉक्स में सैनेटरी कचरा, डायपर, पटि्टयां, मास्क आदि डाल सकते है वही दूसरे बॉक्स में घरेलू हानिकारक कचरा डाल सकते है। सभी गाड़िया हाईड्रोलिक है। निगम में बनेगा कंट्रोल रूम
नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि इसको लेकर निगम में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। जिसमें गाड़ी अपने निर्धारित रूट पर चल रही है या नहीं यह देखा जा सकेगा। साथ ही निर्धारित समय से ज्यादा कचरा उठाने वाली ड्रीपर गाड़ी कही रूकती है तो कंट्रोल रूप में सायरन बजेगा। गाड़ी की स्पीड ज्यादा होने पर भी यहां कंट्रोल रूम में मैसेज जाएंगा। सबसे बड़ी बात हर घर और शॉप के बाहर एक RFID कार्ड लगेगा। जिसे स्कैन किया जा सकता है। उससे पता चलेगा कि यहा से कचरा उठा है या नहीं।
