जैसलमेर से उत्तराखंड गए पर्यटकों की इनोवा कार बेकाबू होकर टिहरी में 200 मीटर नीचे अलकनंदा नदी में गिर गई। हादसे में डॉक्टर समेत 4 लोगों की मौत हो गई। एक बच्चे की हालत गंभीर है। उसे श्रीनगर बेस हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से ऋषिकेश AIIMS रेफर कर दिया गया। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे देवप्रयाग के साकनीधार स्थित ‘गंगा दर्शन होटल’ के पास हुआ। हादसे में जैसलमेर के दरिया नाथ बावड़ी निवासी डॉक्टर दिनेश कुमार माली (27), उनकी मां कमला देवी (67), भांजी जाह्ववी (18) और ड्राइवर अखिलेश की मौत हो गई। आयुष्मान (12) गंभीर घायल है। गुड्डी देवी (40), उसकी बेटी नर्मदा (20) और अश्लेषा (16) लापता हैं। उन्हें ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गुड्‌डी देवी, दिनेश की बड़ी बहन है। आयुष्मान, गुड्‌डी देवी का बेटा है। वहीं जाह्नवी, गुड्‌डी देवी की बेटी थी। दिनेश एक साल से दिल्ली AIIMS में पोस्टेड थे। यह परिवार चारधाम की यात्रा पर गया था। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। अब देखिए रेस्क्यू की PHOTOS… बेकाबू होकर कार नदी में गिरी हरिद्वार की ओर जा रही इनोवा कार अचानक बेकाबू हो गई। सड़क से फिसलकर करीब 200 मीटर नीचे सीधे अलकनंदा नदी में गिर गई। हादसे की सूचना मिलते ही देवप्रयाग कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के लिए SDRF की व्यासी, श्रीनगर और ढालवाला इकाई की टीमों को तैनात किया गया। SDRF की टीमों ने नदी के तेज बहाव और गहरी खाई के बीच रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्यू अभियान के दौरान पहले दिनेश, कमला और अखिलेश के शव बरामद किए गए थे। इसके बाद SDRF ने नदी में सर्च ऑपरेशन जारी रखा। हादसे के करीब 8 घंटे बाद जाह्ववी का शव बरामद कर लिया। SDRF की टीमें और गोताखोर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। गहरी खाई और तेज बहाव से बढ़ी चुनौती मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि गाड़ी की रफ्तार तेज थी। इसके कारण ड्राइवर कार पर कंट्रोल खो बैठा। कार के नदी में गिरते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। अलकनंदा नदी के तेज बहाव, करीब 200 मीटर गहरी खाई और दुर्गम इलाके के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन से किया था MBBS परिजनों के अनुसार, दिनेश 2 साल पहले ही यूक्रेन से MBBS करके लौटा था। एक साल वह जैसलमेर में ही भाई के मेडिकल पर प्राइवेट प्रैक्टिस करता था। इसके बाद साल भर पहले दिनेश ने एम्स जॉइन किया था। दिनेश 10-15 दिन पहले ही जैसलमेर आया था। अपनी मां कमला देवी और पिता लूणाराम को चारधाम की यात्रा पर ले गया था। दिनेश के पिता को सांस की दिक्कत है। ऐसे में वे हरिद्वार में ही रुके थे।