पाली के ट्रांसपोर्ट नगर में गाड़ियों में माल लोड-अनलोड करने वाले करीब 200 मजदूर मंगलवार को हड़ताल पर चले गए है। उनकी मांग है कि प्रति टन मजदूरी 116 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए की जाए क्योंकि मंहगाई ज्यादा है। इधर ट्रांसपोर्ट व्यापारियों ने भी काम बंद कर दिया और एक जगह सभी बैठे नजर आए। उनका कहना है कि मजदूरों की मांग जायज नहीं है। इस हड़ताल के चलते वाहनों के पहिए थम गए है। पाली से बाहर माल नहीं जा रहा है। जिससे एक दिन में 02 से 03 करोड़ रुपए का लेन-देन प्रभावित होगा। रोजना 100 के करीब गाड़ियां पाली से देश भर में टेक्सटाइल का कपड़ा आदि लेकर जाती है। महंगाई बढ़ी है तो मजदूरी भी बढ़ाओ
मजदूर यूनियन से जुड़े चैन सिंह कहते है कि पिछले दो सालों से मजदूरी नहीं बढ़ाई गई है। महंगाई बढ़ रही है। गैस सिलेंडर से लेकर हर चीज के दाम बढ़े है इसलिए ट्रांसपोर्ट व्यापारियों को मजदूरी प्रति टन 116 से बढ़ाकर 120 रुपए टन करने की मांग कर रहे है लेकिन वे फिलहाल तैयार नहीं हो रहे है। वे तैयार होते है तो काम फिर से शुरू कर देंगे। गांठों का वजन 50 KG तक किया जाए
मजदूर भूषण कुमार ने कहा कि गांठो का वजन भी 80 से 100 KG तक होता है। इतना भार पीठ पर उठाकर लोड-अपलोड करने में मजदूरों को परेशानी होती है। गिरने का डर रहता है। पहले भी हादसे हो चुके है। इसलिए गांठों का वजन 50 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मजदूरों की मांग जायज नहीं
मामले में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय काठोरी ने कहा कि मजदूरों की मांग जायज नहीं है। इस कारण ट्रांसपोर्ट बंद है। जिस हिसाब से मजदूरी बढ़नी चाहिए उस हिसाब से हम मजदूरी बढ़ा रहे है। लेकिन वे मानने का तैयार नहीं है।