जोधपुर में पांच दिन पहले बंद की गई फैक्ट्रियां के विरोध में सोमवार को फैक्ट्री मजदूरों और सुपरवाइजरों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बासनी इंडस्ट्री एरिया में सुबह बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए और नारेबाजी की। फैक्ट्री संचालकों का कहना था कि इन आदेशों के बाद करीब 306 फैक्ट्रियां बंद होने से श्रमिकों पर इसका सबसे बड़ा असर देखने को मिला। इधर, प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोपहर करीब 2:30 बजे बाद बड़ी संख्या में श्रमिक पिकअप और लोडिंग टेम्पो में भरकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल भी कलेक्ट्रेट पहुंचा और कलेक्टर अलोक रंजन से मुलाकात की। इंडस्ट्री एरिया में शामिल हुए मजदूर फैक्ट्रियां बंद करने के आदेशों को लेकर जोधपुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काफी विरोध था। इसे लेकर सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे बासनी इंडस्ट्री एरिया में बड़ी संख्या में फैक्ट्री संचालक समेत मजदूर संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। श्रमिक सुरेश का कहना था किफैक्ट्रियां बंद होने से यहां काम करने वाले मजदूरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये है कि सिलेंडर महंगा है और इस महीने मकान किराया भी देना है। लेकिन, काम बंद होने की वजह से पैसे भी नहीं मिल पा रहे है। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद एसीपी छवि शर्मा समेत बासनी, भगत की कोठी और सरदारपुरा थाने का जाब्ता मौके पर पहुंचा।
फैक्ट्री संचालक बोले- 50 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए फैक्ट्री संचालक दीपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री बंद होने से 50 हजार से ज्यादा लोगों पर असर हुआ है। केमिकल तक का काम रुका हुआ है। फैक्ट्रियाें में जो कपड़ा पड़ा था, वह भी खराब हो रहा है। पिछले पांच दिनों से माल एक्सपोर्ट नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि हालात ये है कि फैक्ट्रियां बंद होने के बाद भी नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। इसके बाद सभी कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे।