राजस्थान क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब राज्य की सबसे फेमस घरेलू प्रतियोगिताओं कॉल्विन ट्रॉफी का आयोजन बिना आधिकारिक सिलेक्शन कमेटी के किया जा रहा है। वहीं, सालों से खिलाड़ियों की प्रतिभा परखने और राज्य टीम चयन का महत्वपूर्ण आधार मानी जाने वाली चैलेंजर ट्रॉफी भी आयोजित नहीं होगी। ऐसे में आगामी बीसीसीआई प्रतियोगिताओं के लिए राजस्थान की अलग-अलग उम्र वर्ग और सीनियर टीमों के सिलेक्शन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी ने कुछ समय पहले सिलेक्टर्स की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक किसी भी सिलेक्शन कमेटी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद कॉल्विन ट्रॉफी का आयोजन शुरू कर दिया गया है, जिससे क्रिकेट जगत में सिलेक्शन प्रोसेस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कन्वीनर बोले- अनुभवी ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए हैं RCA एडहॉक कमेटी का दावा है कि खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देने और उनकी प्रतिभा का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए नई व्यवस्था की गई है। एडहॉक कमेटी के कन्वीनर डॉ. मोहित यादव के अनुसार कॉल्विन ट्रॉफी के सभी मुकाबलों पर नजर रखने के लिए अनुभवी ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए गए हैं। ये ऑब्जर्वर्स खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन कर रहे हैं। प्रत्येक मैच की रिपोर्ट एडहॉक कमेटी को भेज रहे हैं। मोहित यादव ने बताया- लंबे समय से खिलाड़ियों की शिकायत थी कि उन्हें पर्याप्त मुकाबले नहीं मिलते। इसी को देखते हुए इस बार प्रत्येक जिला टीम को 5 से 6 मैच खेलने का अवसर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा- कॉल्विन ट्रॉफी में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को राजस्थान कैंप के लिए चुना जाएगा, जहां विशेषज्ञ कोच उनकी तकनीकी और मानसिक क्षमता का आकलन करेंगे। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को राजस्थान टीम में शामिल किया जाएगा। सिफारिश या दबाव स्वीकार नहीं होगा मोहित यादव ने कहा- फिलहाल सिलेक्शन कमेटी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभावित सिलेक्टर्स के नाम शॉर्टलिस्ट कर लिए गए हैं। यह पूरी तरह नियमों के अनुरूप होगी और किसी भी प्रकार की सिफारिश या दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने के बताया कि वर्तमान में नियुक्त ऑब्जर्वर्स में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें भविष्य में चयन समिति का हिस्सा बनाया जा सकता है। उनके कामकाज और मूल्यांकन क्षमता को भी इसी प्रक्रिया के जरिए परखा जा रहा है। इस बीच चैलेंजर ट्रॉफी का आयोजन नहीं होने से भी खिलाड़ियों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच कम हो जाएगा। परंपरागत रूप से चैलेंजर ट्रॉफी को राज्य स्तरीय सिलेक्शन प्रोसेस का अहम हिस्सा माना जाता रहा है, जहां कॉल्विन ट्रॉफी और अन्य प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एक साथ खेलने का मौका मिलता था। ऐसे में इस बार चयन प्रक्रिया पूरी तरह कॉल्विन ट्रॉफी और ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट पर निर्भर रहने की संभावना है। बता दें कि RCA ने आगामी सत्र 2026-27 के लिए सिलेक्शन कमेटी बनाने के लिए आवेदन आमंत्रित करते समय स्पष्ट पात्रता शर्तें निर्धारित की थीं। सीनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी के लिए कम से कम 10 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मैच खेलने का अनुभव और पांच साल पहले क्रिकेट से संन्यास लेना अनिवार्य रखा गया था। जूनियर पुरुष सिलेक्शन कमेटी के लिए कम से कम पांच प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव जरूरी था, जबकि महिला सिलेक्शन कमेटी के लिए राजस्थान महिला टीम का प्रतिनिधित्व और पांच साल का कूलिंग पीरियड अनिवार्य किया गया था। साथ ही किसी भी क्रिकेट अकादमी से जुड़े व्यक्ति को सिलेक्शन कमेटी में शामिल नहीं किए जाने का प्रावधान रखा गया था। अब सभी की नजरें इस बात पर है कि एडहॉक कमेटी सिलेक्शन कमेटी की घोषणा कब करती है। आगामी बीसीसीआई प्रतियोगिताओं के लिए राजस्थान की टीमों का सिलेक्शन किस प्रक्रिया के तहत किया जाता है। फिलहाल कॉल्विन ट्रॉफी के प्रदर्शन और ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट ही चयन का प्रमुख आधार बनते दिखाई दे रहे हैं।