मजीठा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणाम अभी तक आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार आम आदमी पार्टी (आप) को 7 सीटें मिली हैं, जबकि शिरोमणि अकाली दल को 6 सीटों पर जीत हासिल हुई है। इस बीच, अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया है। मजीठिया ने दावा किया कि अकाली दल को जानबूझकर हराने के लिए परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीसी और एडीसी अंदर बैठे एजेंटों पर आम आदमी पार्टी के पक्ष में अंतिम परिणाम पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उनके पास मौजूद सूची में अकाली दल आगे है। मजीठिया ने इस “धक्केशाही” के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही। चर्चित सीट होने से मतगणना में अधिक समय लग रहा इस संबंध में अमृतसर के एडीसी रविंदरपाल सिंह ने पहले जानकारी दी थी कि मजीठा हलका एक चर्चित सीट होने के कारण मतगणना में अधिक समय लग रहा है। उन्होंने बताया था कि वार्ड नंबर 2 में शिरोमणि अकाली दल जीत के करीब है, जबकि वार्ड नंबर 5 में आम आदमी पार्टी आगे चल रही है। दोबारा हुई गिनती यहां मजीठिया और उनके करीबी के बीच मुकाबला एडीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि वार्ड नंबर 2 में कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण वोटों की दोबारा गिनती करनी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि अब स्थिति स्पष्ट कर दी गई है और संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी दे दी गई है। यह सीट पूरे पंजाब में चर्चा में थी, क्योंकि यहां अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके पूर्व करीबी तकबीर गिल (जो अब आम आदमी पार्टी में हैं) के बीच सीधा मुकाबला था। चुनाव के दिन इस हल्के में काफी झड़पें भी हुई थीं, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था।
