लुधियाना में विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना डिवीजन नंबर-8 में तैनात एएसआई हरदीप सिंह को 14 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिसकर्मी पर एफआईआर की कॉपी देने और मामले में कार्रवाई करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। 18 मई को रिजल्ट लेने गई थी लड़की विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार गोपाल नगर, गत्ता फैक्ट्री के नजदीक रहने वाले राम ईश्वर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी खुशबू, जो सरकारी आईटीआई गर्ल्स घुमार मंडी से टेलरिंग का कोर्स कर चुकी है, 18 मई 2026 को अपना रिजल्ट लेने आईटीआई गई थी, लेकिन शाम तक घर वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो 19 मई को थाना डिवीजन नंबर-8 में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। 20 मई को थाना में बुलाकर मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले की जांच कर रहे एएसआई हरदीप सिंह ने 20 मई को उसे थाने बुलाया और कार्रवाई करने के बदले 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उसी समय 6 हजार रुपए ले लिए। बाद में अधिकारियों के आदेश पर 26 मई 2026 को थाना डिवीजन नंबर-8 में यूपी निवासी पुनीत कुमार के खिलाफ गलत तरीके से बंधक बनाने के आरोप में एफआईआर नंबर-155 दर्ज की गई। इसके बावजूद एएसआई हरदीप सिंह ने एफआईआर की कॉपी देने और आगे की कार्रवाई करने के लिए बाकी 14 हजार रुपए की मांग जारी रखी। इसके बाद पीड़ित ने विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना रेंज से संपर्क किया। विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर दबोचा डीएसपी शिव चंद की निगरानी में विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर बुधवार को थाना डिवीजन नंबर-8 में आरोपी एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
