बूंदी में सोमवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना था। इसमें जिले में होने वाली दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई और उनकी रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर यादव ने दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों की पहचान कर उनके निवारण पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हाईवे पर सभी अवैध कटों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, ईडीएआर पोर्टल पर जिले में होने वाली दुर्घटनाओं का डेटा नियमित रूप से अपलोड किया जाए। सभी संबंधित विभाग अपनी आईडी से डेटा अपलोड करेंगे, ताकि भविष्य में आंकड़ों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने और मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने निर्धारित स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने, ब्रेकर बनवाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। जिला कलेक्टर ने रोड सेफ्टी ऑडिट को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं को पेट्रोलिंग वाहनों से हटवाकर गौशालाओं में पहुंचाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके अतिरिक्त, सड़क किनारे के अवैध अतिक्रमणों को चिह्नित कर हटाया जाए और हाईवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए। गोवंशों के सींगों और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अदिति चौधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकेश गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से गोविंद पवार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।