राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और नारी शक्ति के प्रतीक लोकनृत्य घूमर को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से जयपुर में एक अनोखा आयोजन होने जा रहा है। सद्भावना परिवार की ओर से 1 अगस्त 2026 को आपणो घूमर-2026 का आयोजन होगा। इसके तहत जयपुर में 10 हजार महिलाएं एक साथ घूमर नृत्य प्रस्तुत करेंगी और विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्यक्रम का पोस्टर गुरुवार को जवाहर सर्किल पर लॉन्च किया गया।
संस्था के अध्यक्ष मनोज पाण्डेय ने बताया कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि राजस्थान की समृद्ध परंपरा, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक सांस्कृतिक चेतना का भी प्रदर्शन बनेगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से महिलाएं भाग लेंगी।
विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी आयोजकों के अनुसार 10 हजार महिलाओं को एक मंच पर एक साथ घूमर करवाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह प्रयास विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बड़े स्तर पर प्रतिभागियों के रजिस्ट्रेशन, अभ्यास सत्र, कोरियोग्राफी और आयोजन प्रबंधन की तैयारियां आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। कार्यक्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि यह रिकॉर्ड बनता है तो राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इस आयोजन की एक और खास बात महिलाओं के लिए आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण होगी। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को सेल्फ डिफेंस की जरूरी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल सांस्कृतिक रूप से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना भी है। अनुभवी कोरियोग्राफर टीम संभालेगी जिम्मेदारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अनुभवी कोरियोग्राफर टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें सोनू कुमावत, दीपाली गुप्ता, सीमा सेठी, विशाल कटारिया, पूजा दाबाई, सोनू मल्होत्रा और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड धारक घूमर कोरियोग्राफर रोहित शर्मा शामिल हैं। पोस्टर विमोचन समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिवकांता पाण्डेय, अंजली सिसोदिया, चमन विजय, आरती माथुर, प्रतिमा भारद्वाज, मुस्कान पारवानी, सुजाता शर्मा, मीना सिंघल, प्रीति जैन, नेहा गांधी, मीनाक्षी जैन, कीर्ति शर्मा, सपना जैन, दौलत शर्मा, ज्योति गुप्ता, कविता और अंकिता मिश्रा सहित कई गणमान्य महिलाएं मौजूद रहीं।
राजस्थान की पहचान है घूमर घूमर राजस्थान का पारंपरिक लोकनृत्य है, जिसे विशेष रूप से महिलाओं की अेार से किया जाता है। इसकी शुरुआत राजघरानों से मानी जाती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे पूरे राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान बन गया। विवाह समारोह, तीज, गणगौर, होली और पारिवारिक उत्सवों में घूमर की विशेष प्रस्तुति देखने को मिलती है। इस नृत्य की सबसे बड़ी खूबसूरती महिलाओं का पारंपरिक राजस्थानी परिधान, रंग-बिरंगे घाघरा-ओढ़नी और गोल घेरे में ताल के साथ घूमते हुए नृत्य करना होता है। घूमर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि राजस्थान की लोकसंस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और महिला सामूहिकता का प्रतीक माना जाता है।