एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर नादान सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार की नकल माफिया के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। एडीजी, एसओजी, विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी नादान सिंह राठौड़ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को एसाई भर्ती परीक्षा-2021 में अवैध लाभ दिलाने के लिए सुनियोजित साजिश रची। उसने अपने बेटे का आवेदन करवाने के साथ ही आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से संपर्क कर लिखित परीक्षा में सहायता सुनिश्चित करवाई। एसओजी जांच में सामने आया कि बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पूर्व आयोजित तीनों लिखित परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र और उनके उत्तर अपने भांजे विजय कुमार डामोर निवासी डूंगरपुर को उपलब्ध करवाए थे। नादान सिंह ने इन्हीं प्रश्न-उत्तर को अपने बेटे अजय प्रताप सिंह तक पहुंचाया और परीक्षा से पहले विशेष तैयारी करवाई, जिससे उसे अनुचित लाभ मिल सका। जांच के अनुसार, अजय प्रताप सिंह ने हिन्दी विषय में 200 में से 174.28 और सामान्य ज्ञान में 200 में से 150.2 अंक प्राप्त कर लिखित परीक्षा पास की थी। एसओजी अजय प्रताप सिंह को पहले ही 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में आगे कार्रवाई करते हुए एसओजी ने 20 मई को नादान सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया। आरोपी को 21 मई गुरुवार को न्यायालय में पेश कर 22 मई तक पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया है। एसओजी अब उससे गहन पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसे बाबूलाल कटारा द्वारा पेपर आउट किए जाने की जानकारी कैसे मिली और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कुल 141 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसओजी द्वारा पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सघन जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपी नादान सिंह राठौड़ (50) मूल रूप से पदमपुरा, थाना गेगल, जिला अजमेर का निवासी है और वर्तमान में अजमेर में रह रहा था। वह आरपीएससी, अजमेर में चालक के पद पर कार्यरत था।
