श्रीगंगानगर में MSP पर गेहूं की तुलाई नहीं होने से परेशान किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। गर्मी में काफी देर इंतजार के बाद किसान बिल्डिंग की गैलरी में पहुंच गए। इस दौरान एक किसान के फर्श पर बैठने से महिला हेड कॉन्स्टेबल भड़क गई। महिला हेड कॉन्स्टेबल ने कहा- नीचे क्यों बैठा है, रास्ते से उठ जा। खड़े होने से पैर दुख रहे हैं तो शरीर में ताकत डाल। मां को बोल तुझे रोटी दे। बैठने की जगह नहीं है तो कुर्सी मेरे बाप की लाऊं क्या? तेरे बाप को बोल दे, कुर्सी लाकर दे देगा। मैंने तो बाप का नाम लिया… जा अब क्या करेगा, बता। मामला 20 मई का है। घटना का वीडियो आज सामने आया है। पढ़िए, सिलसिलेवार पूरा घटनाकम … ज्ञापन देने पहुंचे किसान, कलेक्टर वीसी में व्यस्त
किसान विनोद जाखड़ ने बताया- मंडी में गेहूं की खरीद और तुलाई नहीं होने की समस्या के कारण 20 मई को सुबह करीब 11:30 बजे श्रीगंगानगर धान मंडी से आए किसान कलेक्टर डॉ. अमित यादव को ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) में व्यस्त थे, जिसके कारण किसान कलेक्ट्रेट गेट के बाहर इंतजार करने लगे। गर्मी और थकान से परेशान किसान गैलरी में बैठे
करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद गर्मी और थकान से परेशान किसान विनोद जाखड़ सहित कुछ किसान कलेक्ट्रेट की गैलरी में पंखों के नीचे बैठ गए। इसी दौरान महिला हेड कॉन्स्टेबल विद्या वहां पहुंचीं। फर्श पर बैठे किसान को उठने के लिए कहा। किसान विनोद जाखड़ के नहीं उठने पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। किसान का आरोप – अभद्र भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल
किसान विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया- महिला हेड कॉन्स्टेबल ने मेरे साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गाली-गलौज की। मंडी की समस्याओं को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन देने आए थे, लेकिन लंबे इंतजार और व्यवस्था की कमी से परेशान हो गए थे। घटना के बाद ADM को ज्ञापन देकर लौट गए थे। जानकारी के अनुसार, महिला हेड कॉन्स्टेबल विद्या पहले भी बार संघ के वकीलों के साथ विवाद में रह चुकी हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ हटाने की मांग भी उठी थी। वहीं इस मामले में महिला हेड कॉन्स्टेबल ने बात करने से इनकार कर दिया। एसपी बोले- दुर्व्यवहार हुआ है तो कार्रवाई करेंगे
श्रीगंगानगर एसपी हरीशंकर ने कहा – मामला उनके संज्ञान में अभी तक नहीं आया था, वीडियो की जांच कराई जाएगी और यदि किसी के साथ दुर्व्यवहार हुआ है तो दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब पढ़िए, बहस का अंश… महिला हेड कॉन्स्टेबल- नहीं उठेगा क्या? फोर्स बुलाती हूं। किसान- बुला लो, किसी को भी बुला लो। महिला हेड कॉन्स्टेबल- वीडियो बना रहा है मेरा, बना ले, भेज देना किसी को भी। किसान- ज्ञापन देने आए हैं, ज्ञापन नहीं दे सकते क्या? महिला हेड कॉन्स्टेबल- ज्ञापन देने आया है तो मेरे सिर पर …. क्या? साइड में हो जा। किसान- साइड में क्या हो जाए, एक घंटे से खड़े हैं, पैर दुखने लगे हैं। महिला हेड कॉन्स्टेबल- पैरों में ताकत डाल, मां को बोल तुझे रोटी दे। किसान- भूखा मरता और क्या करें? एक महीना हो गया तुलाई नहीं हो रही, कहां जाए? महिला हेड कॉन्स्टेबल- ये रास्ता है, साइड में बैठ जा। किसान- रास्ता है तो कुर्सी लगवा दो, वहां बैठ जाते हैं। महिला हेड कॉन्स्टेबल- कुर्सी मेरे बाप की लाऊं क्या? तेरे बाप को बोल दे, कुर्सी लाकर दे देगा। किसान- बाप तक मत जाओ। महिला हेड कॉन्स्टेबल- मैंने तो बाप का नाम लिया… जा अब क्या करेगा, बता…।
