राजस्थान एटीएस की जोधपुर टीम ने बुधवार को जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट और ग्रामीण इलाकों में अवैध विस्फोटकों का भारी जखीरा पकड़ा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एटीएस) दुर्गसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीमों ने तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में सैकड़ों किलो विस्फोटक बरामद हुआ है। साथ ही गोदाम से ग्राइंडिंग-मिक्सिंग मशीनें और अंतरराज्यीय ब्रांड्स के खतरनाक डेटोनेटर भी मिले। फिलहाल एटीएस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे इस पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस माल की एक कंपनी तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले की है। इन तीन इलाकों में एक साथ छापेमारी सूत्रों के अनुसार- एटीएस को लंबे समय से जोधपुर में अवैध गतिविधियों के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एकत्र करने के इनपुट मिल रहे थे। इस सूचना पर एटीएस की टीमों ने राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र के केरू गांव, सूरसागर थाना इलाके के फिदूसर चौपड़ और जोधपुर ग्रामीण के ओसियां थाना इलाके के चेराई गांव क्षेत्र में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र की घेराबंदी की गई। गोदाम नहीं, अवैध फैक्ट्री जैसा सेटअप: मशीनें और तराजू मिले छापेमारी के दौरान जब टीमों ने संदिग्ध गोदामों की तलाशी ली तो अवैध फैक्ट्री में विस्फोटक का भंडारण मिला। मौके से ग्राइंडिंग और मिक्सिंग मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू तथा बारूद तौलने के बर्तन मिले। पास ही सफेद पाउडर से भरे दर्जनों कट्टे भी भारी मात्रा में मिले। इससे जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि यहां विस्फोटकों का अवैध रूप से मिश्रण या री-पैकेजिंग की जा रही थी। जिलेटिन और तेलंगाना-आंध्र प्रदेश की कंपनियों के डेटोनेटर तलाशी के दौरान टीमों को ‘सोलर राजपावर 90’ ब्रांड की जिलेटिन छड़ें और भारी मात्रा में डेटोनेटिंग कॉर्ड (R Cord-S) के कार्टन बरामद हुए। इसके अलावा लाल तारों वाले खतरनाक डेटोनेटर्स के बंडल जब्त किए गए, जिन पर ‘इंडो गल्फ इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ और ‘एपी एक्सप्लोसिव्स प्राइवेट लिमिटेड’ के मार्का लगे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एपी एक्सप्लोसिव्स कंपनी तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले की है। इतनी बड़ी मात्रा में दूसरे राज्यों की कंपनियों के ‘नंबर 8 स्ट्रेंथ’ वाले स्पेशल ऑर्डिनरी डेटोनेटर यहां कैसे पहुंचे, यह जांच का मुख्य विषय बन गया है। सप्लाई नेटवर्क और असल मकसद का पता लगाने में जुटी टीमें प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि इस सामग्री का उपयोग किसी बड़ी अवैध गतिविधि या अवैध खनन में किया जाना था। हालांकि मौके से पकड़े गए लोगों से एटीएस की टीमें पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए यह विस्फोटक जोधपुर कैसे लाया गया। वहीं इसका अंतिम उपयोग कहां होना था। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
