हनुमानगढ़ जिले में सोमवार को नीट अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वे सड़कों पर उतरकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे थे। स्टूडेंट्स कलेक्ट्रेट पर शिक्षण व्यवस्था की अर्थी लेकर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से एनटीए की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है। बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आने से मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं। कई विद्यार्थी अपने घर-परिवार से दूर रहकर कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं और भारी आर्थिक बोझ उठाते हैं। इसके बावजूद परीक्षा रद्द होने से उनका पूरा एक साल खराब हो गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में लगातार हो रही गड़बड़ियों के कारण मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूट रहा है। विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि नीट परीक्षा विवाद के बाद देशभर में कई छात्र मानसिक तनाव में आ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि परीक्षा रद्द होने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कुछ विद्यार्थियों ने आत्महत्या तक कर ली है। उन्होंने मांग की कि ऐसे छात्रों और उनके परिवारों को न्याय मिलना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं में शामिल लोगों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।