जोधपुर ग्रामीण में गैंगरेप के बाद दो बहनों के सुसाइड मामले में पुलिस पर लगातार सवाल खड़े हो रहे है। अब एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस पर पीड़ित पक्ष को धमकाने और उन्हें ब्लैकमेलर बताने के आरोप लगे हैं। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हिरासत से दो आरोपियों के फरार होने का सनसनीखेज दावा किया है। हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है। बता दें कि 20 मार्च को गैंगरेप पीड़िता ने सुसाइड किया था। इसके बाद मृतका की छोटी बहन ने आरोपियों पर उसके साथ भी गैंगरेप करने का आरोप लगाया था। वह 11 अप्रैल को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने भी गई थी लेकिन न्याय नहीं मिलने पर 15 मई को पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर लिया था। अब मामले में 11 अप्रैल का ऑडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस और पीड़ित पक्ष की बातचीत है। पीड़ित पक्ष को केस झूठा बताकर एफआर लगाने की दी धमकी मृतका के भाई ने ऑडियो की पुष्टि करते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार- 11 अप्रैल को जब वह अपनी बहन और बहनोई के साथ पुलिस थाने में शारीरिक शोषण की रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे। आरोप है कि खेड़ापा थानाधिकारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। हद तो तब हो गई, जब केस दर्ज करने से पहले ही पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर ब्लैकमेल करने का आरोप मढ़ दिया। मामले को झूठा करार देते हुए एफआर (मामला झूठा बताकर बंद करने की रिपोर्ट) लगाने की धमकी देकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित पक्ष और पुलिस के बीच बातचीत के अंश 1- तुम्हारा केस फेल होगा थानाधिकारी- तुम्हारा केस चलेगा नहीं, केस ही फेल हो जाएगा ऐसे तो। गलत काम मैं तो करूंगा नहीं, न मेरे से होगा। जो सही है वो सही चीज लिखो, जो इनके (दूसरी पीड़िता) साथ घटना हुई है वो ही लिखूंगा। मदद चाहते हो तो जो सिर्फ छोटी बहन के साथ जो हुआ, वो ही लिखो। बाकी पहले जो मरी, उसकी पंचायती से कोई लेना-देना नहीं है। उसकी जांच अलग से चल रही है। ये रिपोर्ट चलेगी नहीं… तुम्हारे कहने से कुछ नहीं चलेगा…तुम्हारे कहने से क्यों मान लूं?” वो जिंदा होती और कहती कि उसके साथ क्या हुआ, तो उसकी गवाही मानते। उस दिन ही कह देती कि मेरी बहन के साथ ये घटना हुई है, इसलिए मरी है। उस दिन क्यों नहीं आई ये (छोटी बहन)? 2- मर गई तो कोई धारा नहीं बनती पीड़ित पक्ष- वो तो सर उस समय डरी हुई थी न
थानाधिकारी: फालतू बात नहीं करनी… तीसरे कंधे पर रखकर बंदूक नहीं चलेगी। समझ गया तू? मर गई तो कोई धारा नहीं बनती। जो मर गया उसने बयान दिए नहीं, तो तुम्हारे कहने से क्या होगा, बता? पीड़ित पक्ष- उस समय तो हमको पता ही नहीं था।
थानाधिकारी- अब कहां से पता लग गया? अब इसने बताया होगा तब पता चला। इसके कारनामे पूरा गांव जानता है। 3- पुलिस ने पीड़ित पर ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप थानाधिकारी ने पीड़ित की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज करने की बजाय परिवाद दर्ज करने की बात कहते हुए अपने स्टाफ व पीड़ित पक्ष को कहा- थानाधिकारी- मेरे पास रिपोर्ट आई हुई है… ये ब्लैकमेल कर रही है, पैसे मांग रही है।”
पीड़ित- बुलाओ एक बार, आमने-सामने करो… बुलाओ तो सही।
थानाधिकारी- बुलाओ-बुलाओ। आमने-सामने करो। ब्लैकमेल कर रही है, पैसे मांग रही है। वो रिपोर्ट भी दर्ज करो एसपी बोलीं- तथ्य सामने आने पर होगी निष्पक्ष जांच इस पूरे प्रकरण पर जोधपुर ग्रामीण एसपी पी. डी. नित्या ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भी वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। घटना के बाद पीड़िताओं के भाई ने रिपोर्ट दी, जिस पर सुसाइड के लिए उकसाने (एबेटमेंट टू सुसाइड) का केस पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। इससे संबंधित दो अभियुक्तों को अरेस्ट किया गया है, जिनकी सुसाइड को बढ़ावा देने में विशेष भूमिका लगी और जो कि एफआईआर 91 के भी अभियुक्त हैं। बाकी लोगों से भी पूछताछ जारी है। ग्रामीण एसपी ने बताया कि अब इन दोनों केस का इन्वेस्टिगेशन एडिशनल एसपी (शिकाऊ) को दे दिया गया है। पहले वाले जांच अधिकारी (आईओ) पर त्वरित कार्रवाई नहीं करने या नेग्लिजेंस के जो आरोप लगे हैं, उस पर अलग से एन्क्वायरी बिठा दी गई है। बेनीवाल बोले- भोपालगढ़ सीओ और SHO की भूमिका संदिग्ध रालोपा प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट कर जोधपुर ग्रामीण पुलिस पर हमला बोला है। बेनीवाल ने लिखा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना आ रही है कि खेड़ापा थाने में एक गंभीर प्रकरण में हिरासत में लिए गए तीन आरोपियों में से दो आरोपी फरार हो गए हैं। उन्होंने भोपालगढ़ वृत्ताधिकारी (सीओ) पर निशाना साधा। बेनीवाल ने पुलिस थाने के थानाधिकारी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया और कहा कि उनके विरुद्ध पूर्व में भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस पर बिना किसी पूर्व सूचना और सक्षम अनुमति के जाट समाज 84 पट्टी पीपाड़ बोर्डिंग में प्रवेश कर समाज के लोगों को भयभीत करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। — मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- बड़ी बहन के बाद छोटी से भी गैंगरेप:पहले बड़ी ने सुसाइड किया, फिर पुलिस के चक्कर काटकर परेशान हुई छोटी बहन ने भी जहर खाया जोधपुर ग्रामीण इलाके में पुलिस की लापरवाही से दो बहनों की जान चली गई। बड़ी बहन से गैंगरेप के बाद छोटी से भी गैंगरेप की घटना हुई। (पढ़िए पूरी खबर)