सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को “गोल्डन ऑवर” के दौरान तुरंत उपचार उपलब्ध कराने और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का लाभ पात्र मरीजों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को लेकर गुरुवार सुबह स्वास्थ्य भवन कार्यालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। झालावाड़ सीएमएचओ डॉ. साजिद खान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों के स्वास्थ्य मार्गदर्शकों और लेखाकारों को उपचार व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। योजना की प्रगति और लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत संचालित गतिविधियों, लाभार्थियों को दी जा रही सेवाओं, प्रगति रिपोर्ट और लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। संस्थानवार स्वीकृत एवं निरस्त क्लेमों की जानकारी भी ली गई। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत पात्र मरीजों को बिना किसी परेशानी के समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए और सभी रिकॉर्ड एवं ऑनलाइन प्रविष्टियां तय समय पर पूरी की जाएं। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज पर विशेष फोकस बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और निर्धारित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान “गोल्डन ऑवर” में इलाज के महत्व पर जोर देते हुए चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए गए कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत भर्ती कर उपचार शुरू किया जाए। डॉ. खान ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी को इस योजना का शुभारंभ किया गया था। इसके बाद 19 फरवरी की अधिसूचना के माध्यम से इसका नाम “प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल भर्ती एवं निर्धारित इलाज पीएम-राहत योजना” रखा गया। 7 दिन तक 1.5 लाख रुपए तक इलाज की सुविधा योजना के तहत किसी भी श्रेणी की सड़क पर होने वाली दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों तक 1.5 लाख रुपए तक के उपचार का प्रावधान किया गया है। यह सुविधा मोटर वाहन से होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को निर्धारित अस्पतालों में उपलब्ध होगी। गैर-जीवनघातक मामलों में 24 घंटे और गंभीर मामलों में 48 घंटे तक उपचार की व्यवस्था रहेगी, जो पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। “गोल्डन ऑवर” में इलाज से बच सकती है जान सीएमएचओ ने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय यानी “गोल्डन ऑवर” में समय पर उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का तत्काल उपचार प्रारंभ किया जाए और योजना के सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।

जिला कलेक्टर की पहल रंग लाई: सिर्फ 3 दिन में हजारों जरूरतमंदों को मिला खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत चलाए गए तीन दिवसीय विशेष अभियान ने हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाई है। अभियान के दौरान वर्षों से लंबित पड़े मामलों का तेजी से निस्तारण कर 989 नए परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ शुरू कराया गया। प्रशासन की इस पहल से राशन योजना से वंचित परिवारों में खुशी का माहौल है। पुराने लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण डीएसओ जितेंद्र कुमार और ईओ गोविन्द देथा ने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी सफलता “सेंड-बैक” प्रकरणों के प्रभावी समाधान के रूप में सामने आई। अभियान के दौरान 90 दिनों से अधिक पुराने 1,026 मामलों और 90 दिनों से कम अवधि के 433 लंबित प्रकरणों में पाई गई कमियों को दूर कर उन्हें स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही 442 नए प्राप्त आवेदनों का भी निस्तारण किया गया। घर-घर पहुंचे राशन डीलर, मौके पर हुए समाधान विशेष अभियान के दौरान राशन डीलरों ने घर-घर जाकर पात्र परिवारों के दस्तावेज पूरे करवाए। वहीं ग्राम स्तरीय और नगर स्तरीय खाद्य सुरक्षा चयन समितियों ने शिविरों में प्राप्त अपीलों का मौके पर ही निस्तारण किया। इससे ऐसे परिवारों के राशन कार्ड दोबारा सक्रिय हो सके, जो तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की कमी के कारण योजना से वंचित हो गए थे। 989 नए परिवारों को मिला योजना का लाभ सिर्फ तीन दिनों के भीतर 989 नए परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने की दिशा में बड़ी सफलता साबित हुआ है। जिला कलेक्टर की अपील जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक खाद्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनका आवेदन दस्तावेजों की कमी, गलत श्रेणी चयन या अन्य तकनीकी कारणों से “सेंड-बैक” हुआ है, तो वे अपने उचित मूल्य दुकानदार या ई-मित्र के माध्यम से आवश्यक संशोधन तुरंत करवाएं, ताकि योजना का लाभ समय पर मिल सके।