देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (NEET-UG 2026) के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जयपुर, जोधपुर, अजमेर सहित कई जिलों में महिला अभ्यर्थियों को दुपट्टे के साथ एंट्री नहीं दी गई। कई कैंडिडेट्स के पास पेन मिला, जिसे सेंटर के बाहर ही रखवा लिया गया। स्टूडेंट्स के हाथों में बंधे कलावा तक कटवा दिए गए। जूते केंद्र के बाहर ही उतरवाए गए। प्रदेश में सबसे ज्यादा 106 परीक्षा केंद्रों राजधानी जयपुर में बनाए गए। जयपुर में मेडिकल परीक्षा (NEET) के लिए सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्कूल को सेंटर बनाया गया है। गर्मी को देखते हुए यहां टेंट की व्यवस्था की गई है। पेपर में नकल को रोकने के लिए इस बार परीक्षा केंद्र के अंदर ही अभ्यर्थियों को पेन दिए गए। वहीं अभ्यर्थियों के चश्मे की भी मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। जयपुर के सांगानेर की रहने वाली कल्पना का सुभाष चंद्र बोस स्कूल परीक्षा केंद्र है। यहां एंट्री से पहले दुपट्टा परीक्षा सेंटर के बाहर रखवाया गया। जयपुर के परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों के हाथों का कलावा काटा जयपुर के सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्कूल में स्टूडेंट्स के हाथ में बंधे कलावा को सुरक्षाकर्मियों ने काटा। इसके बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। पेरेंट्स बोले- बच्चों के साथ हमने भी संघर्ष किया है अभ्यर्थियों को परीक्षा दिलवाने के लिए बच्चों के साथ बड़ी संख्या में पेरेंट्स भी परीक्षा सेंटर पहुंचे। जयुपर के शाहपुरा पिपलोद की रहने वाली कृपा देवी शर्मा अपने बेटे मनीष कुमार शर्मा को नीट दिलवाने जयपुर के गंगापोल स्थित सेंटर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बेटे के साथ हमने भी इस परीक्षा के लिए संघर्ष किया है। मेरे पति पूजा पाठ कराते हैं। हम सामान्य परिवार से आते हैं। नीट की पढ़ाई में काफी खर्च आता है। भगवान से गुजारिश है कि बच्चे का नीट के लिए सलेक्शन हो जाए। सांगानेर की रहने वाली दीपिका वर्मा अपनी बेटी नेहा कुमारी को परीक्षा दिलवाने पहुंची थीं। उन्होंने बताया- नेहा के पिता फोटो स्टूडियो चलाते हैं। उनका सपना है कि उनकी बेटी डॉक्टर बन के समाज की सेवा करे। नेहा का यह पहला मौका है। उसने इस परीक्षा के लिए काफी तैयारी की है। जयपुर- गर्मी से बचाव का इंतजाम नहीं होने से पेरेंट्स में गुस्सा जयपुर में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगापोल में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर गर्मी में अभ्यर्थियों के पेरेंट्स की नाराजगी भी नजर आई। उन्होंने केंद्र के बाहर अवस्थाओं का आरोप लगाते हुए कहा- केंद्र के बाहर धूप से बचाव की व्यवस्था नहीं की गई है। एक छोटी गली में परीक्षा केंद्र बनाने से सभी को परेशानी हो रही है। यहां जाम की स्थिति बनती है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को भी जाम के चलते परेशान होना पड़ रहा है। जयपुर के परीक्षा केंद्र पर बिना आधार कार्ड के पहुंचा स्टूडेंट जयपुर के वाटिका के रहने वाले राघव नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्कूल परीक्षा केंद्र में बिना आधार कार्ड के पहुंच गए। कुछ समय बाद स्टाफ को जानकारी लगी कि उनके पास आधार कार्ड नहीं है। उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर निकाला गया। आधार कार्ड की कॉपी साथ लाने की बात कही गई। हालांकि यह घटना दोपहर 12.40 की थी। ऐसे में बच्चों को सेंटर पर जहां सुरक्षाकर्मी जांच कर रहे थे, वहां लाकर पेरेंट्स को फोन पर बात करवाई गई। जिसके बाद बच्चे की मां आधार कार्ड लेकर पहुंची। फिर राघव को परीक्षा सेंटर में प्रवेश दिया गया। बता दें कि राघव का इससे पहले बायोमेट्रीक किया जा चुका था। ऐसे में राघव परीक्षा सेंटर हॉल से बाहर लाकर गेट के पास खड़ा किया गया। गेट बंद होने से 5 मिनट पहले आवाज लगाकर अभ्यर्थियों को बुलाया दोपहर के डेढ़ बजते ही जयपुर के सुभाष चंद्र बोस स्कूल का गेट बंद कर दिया गया। एग्जाम सेंटर बंद होने से 5 मिनट पहले आवाज लगाकर सभी को सूचना दी गई। अंतिम क्षण में वीकेआई निवासी खुशी कंवर दौड़कर परीक्षा सेंटर पहुंची।
