पाली जिले में दोस्त की मौत की खबर सुन दूसरे दोस्त ने भी 12 घंटे के भीतर दम तोड़ दिया। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। साथ-साथ पढ़ाई की थी। इसके बाद साथ में मुंबई में रहे और व्यापार किया। दोनों की दोस्ती की पूरे क्षेत्र में मिसाल दी जाती थी। बीजापुर क्षेत्र के भन्दर गांव निवासी धनराज त्रिवेदी (68) का रविवार सुबह 4 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। जब गांव के ही देवराज (74) को इसकी सूचना मिली तो उनकी भी तबीयत बिगड़ गई। देवराज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक ही स्कूल में पढ़े और फिर मुंबई गए भन्दर गांव के उप सरपंच मुकेश दवे ने बताया-धनराज त्रिवेदी और देवराज दवे ने एक स्कूल से पढ़ाई की थी। इसके बाद दोनों ने लंबे समय तक मुंबई में कपड़ों का व्यापार किया। कोरोना काल के बाद दोनों दोस्त अपने गांव वापस लौटकर खेती करने लगे। दोनों के परिवारों के बीच में भी गहरा लगाव है। एक गली छोड़कर ही दोनों का घर है। धनराज और देवराज के दो-दो बेटे और एक-एक बेटी है। धनराज का एक बेटा मुंबई में ही काम करता है। गांव लौटते समय बिगड़ी देवराज की तबीयत मुकेश दवे ने बताया- धनराज के निधन की सूचना मिलने के बाद रविवार की शाम 4 बजे सुमेरपुर के पास नोवी गांव से भन्दर लौटते समय देवराज की तबीयत बिगड़ गई। घर पहुंचने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान देवराज की मौत हो गई। सोमवार को किया गया अंतिम संस्कार एडवोकेट मुकेश बोहरा ने बताया- परिजन दोनों दोस्तों का एक साथ अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे। गर्मी के चलते शव को सुरक्षित रखने के लिए डी फ्रीजर की व्यवस्था की गई। सोमवार सुबह 7:30 धनराज त्रिवेदी का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं परिजनों के आने में देरी के चलते सुबह 11:30 बजे देवराज का अंतिम संस्कार किया गया।
… यह खबर भी पढ़ें देवरानी-जेठानी का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार:एक की मौत की खबर मिली तो दूसरी सदमे में आई, 4 घंटे में ही तोड़ा दम सीकर में जेठानी अपनी देवरानी की मौत का सदमा नहीं झेल पाई। देवरानी की मौत के 4 घंटे बाद ही उसने भी दम तोड़ दिया। दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। (पढ़ें पूरी खबर)