केंद्र सरकार द्वारा गेहूं खरीद के मानकों में राहत दिए जाने के बाद फरीदकोट जिले की अनाज मंडियों में खरीद कार्य में तेजी आ गई है। इससे पहले खरीद प्रक्रिया काफी धीमी रफ्तार से चल रही थी और किसानों को अपनी फसल की बोली लगने के लिए पांच-पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा था। लेकिन शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा खरीद मानकों में राहत के ऐलान के बाद खरीद कार्य सुचारू रूप से शुरू हो गया है। साफ-सफाई और लिफ्टिंग के उचित इंतजाम फरीदकोट की सबसे बड़ी कोटकपूरा अनाज मंडी में मार्केट कमेटी की ओर से सरकार के निर्देशों के अनुसार गेहूं सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। पीने के पानी, छाया, साफ-सफाई और लिफ्टिंग के भी उचित इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण राज्य के बाकी हिस्सों की तरह फरीदकोट इलाके में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ था। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से खरीद नियमों में राहत देने की मांग की थी। खरीद नियम मानकों में राहत दी केंद्र की टीमों द्वारा फसल के सैंपल लेने के बाद आई रिपोर्ट के आधार पर अब खरीद नियम मानकों में राहत दी गई है, जो किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी। इस मामले में किसानों ने प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान किसानों ने बताया कि पिछले 5 दिनों से मंडी में खरीद न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अब खरीद कार्य ने तेजी पकड़ ली है। प्रशासन द्वारा खरीद के सभी प्रबंध पूरे किए: सचिव इस संबंध में मार्केट कमेटी कोटकपूरा के चेयरमैन गुरमीत सिंह और सचिव युगवीर कुमार ने बताया कि प्रशासन द्वारा खरीद के सभी प्रबंध पूरे किए गए हैं ताकि किसानों को कोई परेशानी न आए। केंद्र सरकार से मिली खरीद मानकों में राहत के बाद अब मंडी में गेहूं खरीद कार्य में और तेजी आएगी। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं का दाना बदरंग व सिकुड़ गया था जिसके लिए अब केंद्र से राहत मिली है। अब किसान एक दिन में ही फसल बेचकर घर जा सकेगा।