जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में गिरफ्तार पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को ACB कोर्ट ने शुक्रवार को 3 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया। एसीबी ने 5 दिन की रिमांड मांगी थी। पेशी से पहले सरेंडर के सवाल पर सुबोध अग्रवाल ने कहा- न सरेंडर किया है न लेकर आए हैं। मैं अपनी इच्छा से सहयोग करने के लिए आया हूं। मुझे न्याय की उम्मीद है, सत्यमेव जयते। वहीं, सुनवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने कोर्ट में कहा-बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा और पैसे का लेनदेन है। इन सभी की जांच के लिए पूछताछ का समय चाहिए। सुबोध अग्रवाल के वकीलों ने कहा कि गिरफ्तारी के कारणों से अभियुक्त को अवगत नहीं करवाया गया। मामला लंबे समय से लंबित है। अब गिरफ्तारी की क्या आवश्यकता थी। न अभियुक्त और न ही वकील को गिरफ्तारी के कारण बताए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अभियुक्त को रिमांड पेशी से पहले गिरफ्तारी के कारण और रिमांड आवेदन देना जरूरी है।
क्या है मामला दरअसल, एसीबी अधिकारियों ने गुरुवार को पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को नई दिल्ली से हिरासत में लिया था। जयपुर लाकर उनकी गिरफ्तारी की गई थी। सुबोध अग्रवाल पर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर जारी कर शर्तों में हेरफेर कर 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स मंजूर करने के भी आरोप हैं। 3 आरोपी अभी भी फरार इस मामले में एसीबी अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जिनके खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी कर संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 260 ठिकानों पर छापेमारी की गई बता दें कि जेजेएम घोटाले में फरार चल रहे रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को पकड़ने के लिए एसीबी ने 51 दिन में 18 टीमों के जरिए 260 ठिकानों पर छापेमारी की थी, लेकिन वे लगातार गिरफ्त से बाहर थे। इस दौरान उसने 10 से ज्यादा ठिकाने बदले थे। आखिरकार जब एसीबी ने कोर्ट में संदिग्ध संपत्तियों की सूची पेश कर स्थायी वारंट जारी करवाए और कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया तो दूसरे ही दिन वह सामने आ गया था। अब उसकी संपत्तियों के कुर्क होने का खतरा भी सामने है। एसीबी की कार्रवाई के तहत रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल, एसई मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता को भगोड़ा घोषित किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी की संदिग्ध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि इनमें से सुबोध अग्रवाल सामने आ गए हैं, जबकि बाकी तीन आरोपी अब भी फरार हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मुंबई में छिपने के मिले थे इनपुट जांच के दौरान सुबोध के दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मुंबई में छिपे होने के इनपुट मिले थे। एसीबी ने इन ठिकानों पर लगातार दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। गुरुवार रात एसीबी ने अग्रवाल का मेडिकल करवाया और आज कोर्ट में पेश किया। तीन दिन का रिमांड मिलने के बाद अब जेजेएम घोटाले और टेंडर प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के साथ-साथ फरारी के दौरान उसे मदद देने वालों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। एसीबी ने विदेश भागने की आशंका के चलते सुबोध अग्रवाल, मुकेश गोयल समेत फरार आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी करवा दिए थे। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जेजेएम घोटाले पर मीडिया से बात की… सवाल- जेजेएम घोटाले में सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी को आप कैसे देखते हैं? किरोड़ी लाल मीणा- यह घोटाला पिछली सरकार के राज में हुआ था। श्याम ट्यूबवेल कंपनी और गणेश ट्यूबवेल कंपनी के 900 करोड़ के काम किए थे। उन्होंने डॉक्यूमेंट पर फर्जी हस्ताक्षर करके काम लिया। मेरी जानकारी में आया तो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था। मैंने मीडिया के सामने सारे तथ्य रखे थे। इसके आधार पर मैं अशोकनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाने भी गया था। उस दौरान थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। मैं चार दिन तक थाने के बाहर धरने पर बैठा रहा। फिर भी अशोक गहलोत सरकार में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। अब हमारे राज में आकर महेश जोशी भी जेल गया और सुबोध अग्रवाल भी जेल गया। यानी जो कोई भी दोषी है, उसे जेल की सलाखों में जाना हीपड़ा। पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष थे। टेक्निकल कमेटी के बाद फाइनेंस कमेटी ही उसको क्लियर करती है। इस दृष्टि से सुबोध अग्रवाल आरोपी है। उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। अब आगे तो अदालत तय करेगी। लेकिन वह इस मामले में मुलजिम हैं। सवाल- गहलोत सरकार में जब आप इस मामले को लेकर गए थे तो तत्कालीन सरकार का क्या रवैया था? जवाब- उन्होंने सुना ही नहीं, FIR ही दर्ज नहीं की। मीडिया ने भी इस मामले को जनता के सामने रखा था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री बेपरवाह हो गए थे। इसका परिणाम यह हुआ कि वह सत्ता से बाहर हो गए और भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आ गई। हमारा कमेंट था कि हम भ्रष्टाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ये भी पढ़ें… 960 करोड़ के घोटाले में पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार:ACB टीम दिल्ली से लेकर जयपुर पहुंची, 3 फरार आरोपियों की संपत्ति करेगी अटैच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार चल रहे पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। टीम अग्रवाल को दिल्ली से लेकर जयपुर पहुंची। पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ जेजेएम घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी था। (पूरी खबर पढ़ें)