गंगनहर में लगातार पानी की कमी, नहर की बदहाली, पानी चोरी और सफाई न होने के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने जिला कलेक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों ने कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए। किसानों ने अब 1 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव करने का ऐलान किया है। किसान नेता रणजीत सिंह राजू ने प्रदर्शन के दौरान कहा- गंगनहर में पिछले दिनों पानी घटकर मात्र 1000 क्यूसेक रह गया था। अब भी पानी में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे किसानों को अपना पूरा हिस्सा नहीं मिल पा रहा है। बिजाई का मौसम है, लेकिन तीन-तीन बारियां जा रही हैं। समय रहते बिजाई करना किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। किसानों ने कहा- गंगानहर के दोनों किनारों पर ब्रह्म 10 से 15 फुट तक बढ़ गए हैं। पंजाब को सफाई के लिए पैसा दिए 2 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन आरडी 200 से आरडी 368 तक अब तक सफाई नहीं कराई गई। इससे नहर अपनी पूरी क्षमता से पानी नहीं ले पा रही है। पंजाब पोर्शन और राजस्थान में खखां हैड से नीचे लगातार पानी चोरी हो रहा है। किसानों ने खुद चोरी पकड़ी और विभाग को सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाइड्रोलिक सर्वे की मांग लंबित है, रिपोर्ट भी नहीं दी गई। क्षेत्र की सभी वितरिकाओं की सफाई नहीं हुई, जिससे टेल पर पानी नहीं पहुंच रहा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। सिंचाई विभाग आबियाना/सिंचाई कर वसूलता है, लेकिन जल उपयोक्ता संगमों के खातों में हिस्सा राशि नहीं डाली जा रही। इससे नहरों की सफाई रुक गई है। किसानों ने मांग की कि राशि तुरंत जारी की जाए और सफाई न कराने वाले अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई हो। किसानों ने कहा- सरकार ने ड्रम-केन में डीजल देना बंद कर दिया। दूर-दराज के किसानों को ट्रैक्टर लेकर मंडी जाना पड़ रहा है। बिजाई के मौसम में खाद भी बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। किसानों के घरों में अब भी भारी मात्रा में गेहूं पड़ा है। इसलिए खरीद लक्ष्य बढ़ाने और तारीख बढ़ाने की मांग की गई है। सरकार को इन समस्याओं की ओर जल्द ध्यान देना चाहिए।