ईरान के भीतर गिरे अमेरिकी फाइटर प्लेन के दोनों पायलटों को कामयाबी से निकाल लिया गया. लेकिन, इसे ‘ट्रंप रेस्क्यू ऑपरेशन‘ कहना ज्यादा ठीक रहेगा. क्योंकि यदि ये पायलट IRGC के हत्थे चढ़ जाते, तो सबसे ज्यादा भद ट्रंप की पिटती. लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम ने ईरान पर जमीनी हमला करने का प्लान कर रहे रणनीतिकारों ने निश्चित ही सोचने पर मजबूर कर दिया होगा.
