सिरोही के युवा प्रोफेशनल कुणाल चौधरी को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद से एमबीए की डिग्री मिली है। उन्हें संस्थान के प्रतिष्ठित ‘टॉर्चबेयरर अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 3 अप्रैल को एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार आईएसबी द्वारा केवल शीर्ष 5% छात्रों को उनके उत्कृष्ट योगदान, नेतृत्व क्षमता और संस्थान के विकास में सक्रिय भूमिका के लिए दिया जाता है। कुणाल को यह सम्मान विशेष रूप से प्लेसमेंट गतिविधियों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला। उन्होंने उद्योग जगत के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए और कई कंपनियों को कैंपस से जोड़ा। इससे छात्रों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर पैदा हुए। यह सम्मान समारोह आईएसबी, हैदराबाद में आयोजित किया गया। व्हार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया की डीन एरिका एच. जेम्स मुख्य अतिथि थीं। आईएसबी के डीन प्रो. मदन पिल्लूटला, प्रो. रामाभद्रन तिरुमलाई और प्रो. दीपा मणि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। आईएसबी को वर्ष 2026 में एमबीए के लिए वैश्विक स्तर पर 12वीं और भारत में प्रथम रैंक प्राप्त हुई है। कुणाल चौधरी ने 2016 में सिटीग्रुप में प्रबंधक के रूप में अपना करियर शुरू किया था। 30 वर्ष की आयु तक वे वाइस प्रेसिडेंट के पद पर पहुंचे और पुणे में कार्यरत रहे। अपने पेशेवर अनुभव को और समृद्ध करने के उद्देश्य से उन्होंने 2025 में आईएसबी में प्रवेश लिया। उन्होंने मार्च 2026 में वित्तीय प्रबंधन में एमबीए की डिग्री सफलतापूर्वक पूरी की। उनकी इस उपलब्धि में उनकी पत्नी आकांक्षा सुराणा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उन्होंने कुणाल को पूरे शैक्षणिक सफर के दौरान निरंतर प्रोत्साहन, संतुलन और समझ प्रदान की। आकांक्षा स्वयं सिटीग्रुप, पुणे में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और उदयपुर निवासी आलोक सुराणा एवं पुष्पा सुराणा की बेटी हैं। कुणाल की प्रारंभिक शिक्षा सिरोही में हुई थी। उन्होंने अपने समर्पण, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के बल पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में गर्व का माहौल है और विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
