लुधियना नगर निगम ने बिल्डिंग ब्रांच में सख्त कदम उठाते हुए बड़ा वित्तीय लक्ष्य हासिल किया है। नगर निगम की कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल की अगुवाई में महज एक महीने में 18 करोड़ रुपये का रिकवरी घाटा पूरा कर लिया गया। दरअसल, 1 मार्च 2026 तक बिल्डिंग ब्रांच 75 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 18 करोड़ रुपये पीछे चल रही थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने कामकाज में सुधार के लिए कई सख्त फैसले लिए। जॉइंट कमिश्नर दीपजोत कौर और एमटीपी विजय कुमार ने नियमित बैठकों के जरिए बकाया वसूली को तेज किया। साथ ही, जोन स्तर पर असिस्टेंट टाउन प्लानर्स (ATP) की तैनाती कर निगरानी बढ़ाई गई। क्या रहे बड़े फैसले
-जोन-वाइज ATP की नियुक्ति
-नियमित समीक्षा बैठकें
-सरकारी प्रक्रिया के तहत बिल्डिंग प्लान की तेजी से मंजूरी
-अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई
इन कदमों का असर यह रहा कि 31 मार्च 2026 तक पूरा 18 करोड़ रुपये का घाटा खत्म कर लक्ष्य हासिल कर लिया गया। अवैध निर्माण पर दिखाई सख्ती
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, अब बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली ज्यादा व्यवस्थित हो गई है। अवैध निर्माणों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और बिल्डिंग प्लान तेजी से पास किए जा रहे हैं। कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले निगम से नक्शा जरूर पास करवाएं। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्लान मंजूरी समय पर दी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
