पंजाब के कपूरथला जिले में बाढ़ प्रभावित बाऊपुर मंड क्षेत्र में खेतों को समतल करने और रेत-गाद हटाने का काम जारी है। इस कार्य में प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रैक्टर लगाए जा रहे हैं, जिन पर रोजाना लगभग 7 लाख रुपए का डीजल खर्च हो रहा है। यह प्रयास बाढ़ से हुई तबाही से उबरने के लिए स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों द्वारा किया जा रहा है। पांच दिनों से कार्य में जुटा जत्था जसविंदर सिंह के नेतृत्व में हरियाणा से आए 35 लोगों का एक जत्था पिछले पांच दिनों से संत सीचेवाल की देखरेख में खेतों से गाद हटाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि एक ट्रैक्टर पर प्रतिदिन लगभग सात हजार रुपए का डीजल खर्च होता है। इस गणना के अनुसार 100 ट्रैक्टरों के संचालन पर प्रतिदिन 7 लाख रुपए का डीजल व्यय हो रहा है। पिछले 10 दिनों में कुल 70 लाख रुपए का डीजल खर्च हो चुका है। डीजल दान कर लोग कर रहे सहयोग सिरसा से आए संत जीत सिंह ने जानकारी दी कि उनका जत्था 16 ट्रैक्टरों के साथ अभियान में शामिल है। वे सिरसा से ही डीजल भरकर लाए थे और चार दिन बाद 2 लाख रुपए का अतिरिक्त डीजल एक अलग टैंकर में लेकर आए हैं। इस प्रकार, डीजल दान करने वाले लोग भी इस राहत कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। राज्यसभा सदस्य ने की अपील राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपील की है कि अब बिस्कुट या खाने-पीने की अन्य वस्तुओं की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों को समतल करने के लिए बड़े पैमाने पर डीजल की जरूरत है। लेजर हल से समतल करने की जरूरत संत सीचेवाल के अनुसार, बाढ़ के कारण खेतों में ढाई से तीन फुट तक रेत और गाद जमा हो गई है, जिसे हटाने के लिए ट्रैक्टरों और डीजल की तत्काल आवश्यकता है। इसके बाद खेतों को लेजर हल से समतल करने और गेहूं के बीज की जरूरत होगी। उन्होंने इस कठिन समय में ट्रैक्टर और डीजल उपलब्ध कराकर किसानों का सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
