मोगा जिले के धर्मकोट और आसपास के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। कोट सदर खान, कंडियाल, कैला, मौजगढ़, चीमा, बाजेके, जाफर वाला और मूसे वाला सहित कई गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं। अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने गेहूं और अन्य फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है। किसानों ने बताया कि फसलें कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थीं। ओलों की मार से गेहूं की बालियां झुक गईं और कई स्थानों पर फसलें जमीन पर गिर गईं। इससे फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। किसान नेता बोलें- सरकार तत्काल नुकसान का आकलन करें किसान नेताओं और स्थानीय लोगों के अनुसार, किसान पहले से ही बढ़ते खर्चों और कम मुनाफे से जूझ रहे हैं। अब ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। प्रभावित किसानों और नेताओं ने सरकार से तत्काल नुकसान का आकलन करने के लिए गिरदावरी करवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते सहायता प्रदान नहीं की, तो उन्हें बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि वह तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और किसानों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाए।
