उदयपुर के लोसिंग गांव में आज सुबह एक लेपर्ड ने खेत में फसल काट रहे किसान पर हमला बोल दिया। यहां संयोग ऐसा बैठा था कि जब लेपर्ड ने किसान पर हमला बोला तब ही वहां बंदरों का एक झुंड उस जगह जमा हो गया और दूसरी तरफ से ग्रामीण भी शोर मचाने लगे इस बीच लेपर्ड भाग गया। किसान वार्डपंच भी है। गोगुंदा थाना क्षेत्र के लोसिंग गांव में आज सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे देवदूत बनकर आए बंदरों से किसान की जान बच गई। लोसिंग निवासी वार्ड पंच किसान तुलसीराम पालीवाल (55) हीरालाल पालीवाल अपने खेत में गेहूं की फसल की कटाई कर रहा था। इसी दौरान आराम के लिए वह छांव के लिए पेड़ के नीचे गया तब ही झाड़ियों में छिपे लेपर्ड ने उन पर हमला बोल दिया। इसी दौरान वहां मौजूद बंदरों का झुंड वहां पहुंचा और पास के खेतों से लोगों ने भी शोर मचाया तो लेपर्ड वहां से किसान को छोड़कर भाग गया। हमले में तुलसीराम के पीठ और हाथ पर मामूली खरोंचें आई हैं और आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लोसिंग अस्पताल ले गए जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। तुलसीराम ने बताया कि थकान महसूस हुई तो छांव में जाने लगा और वहां पीछे से आए लेपर्ड ने हमला कर गर्दन पर पंजा मारा। पास में पेड़ पर बैठे बंदरों में से दो बंदर हनुमान बनकर आए और लेपर्ड वहां से भाग गया। वे कहते है कि बंदरों की वजह से मेरी जान बची है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इनपुट : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा

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