बूंदी जिले के डाबी बरड़ क्षेत्र, नैनवां और नमाना सहित कई इलाकों में देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। डाबी, धनेश्वर, सुतड़ा, भगवानपुरा, राजपुरा और मोलाट सहित आसपास के गांवों में भारी ओले गिरे, जिससे खेत सफेद चादर से ढक गए।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में हो रहे बदलाव के कारण हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, चना और सरसों जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। नमाना कस्बे और आसपास के क्षेत्र में सोमवार शाम 4 बजे से 5 बजे तक हुई तेज बरसात से भी गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान की पूरी संभावना है। किसान श्यामलाल मेहता ने बताया कि यदि समय पर फसल की कटाई हो जाती तो यह नुकसान टाला जा सकता था। अचानक आई इस आपदा ने पूरे साल की मेहनत और लागत को बर्बाद कर दिया है। जिन किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, उनके सामने अब कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए प्रशासन से जल्द सर्वे करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और उचित राहत प्रदान करने की अपील की है। मोलाट गांव निवासी भाजपा जिला मंत्री प्रभुलाल भील ने बताया कि गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान हुई ओलावृष्टि से खेतों और खुले स्थानों पर ओलों की परत जम गई, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ। आमली में भी ओले गिरे हैं। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि के कारण खेतों में नमी और ओलों की परत जमने से अगले 8 दिनों तक कंबाइन मशीनें खेतों में नहीं चल पाएंगी, जिससे कटाई में और देरी होगी और नुकसान बढ़ सकता है।
बेमौसम बरसात के साथ ओलावृष्टि, गेहूं-चना की फसल को नुकसान
नैनवां क्षेत्र में सोमवार शाम को हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले ही खरीफ की फसल अतिवृष्टि से प्रभावित हो चुकी थी, अब रबी सीजन की फसल पर भी मौसम की मार पड़ गई है। इन दिनों खेतों में पकी हुई गेहूं और चना की फसल की कटाई का कार्य चल रहा है, वहीं कई स्थानों पर फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
नैनवां, चेनपुरिया, धानुगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि की सूचना मिली है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है।
