पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी नेताओं और मंत्री-विधायकों के बेटों को लेकर तंज कसते हुए सरकार को नसीहत दी है। भीम विधायक के बेटे के विवाद पर उन्होंने कहा कि मंत्रियों को अपने बेटों को सत्ता से दूर रखना चाहिए, वरना उनकी गतिविधियों से सरकार की छवि खराब हो सकती है। साथ ही यूएस-ईरान शांति वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर विदेश मंत्री एस.जयशंकर के बयान पर पलटवार करते हुए उनसे माफी मांगने की बात भी कही। पूर्व सीएम गहलोत जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि मंत्रियों के परिवार पर आरोप लगता है, जबसे सरकार बनी है, तब से मंत्रियों के बेटों को तो पता नहीं कैसे प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मंत्रियों, मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम अपने बेटों को दूर रखें। उसमें सरकार का ही भला होगा। बेटों को नजदीक लाओगे तो बेटा बिगड़ जाएगा, उसे दूर रखो, अच्छे संस्कार दो। गहलोत ने कहा कि उसको आप सरकार के पास रखोगे तो आपको मालूम ही नहीं पड़ेगा कि वह कहां बदनाम करवा रहा है? बदनामी आपकी होगी, सरकार की होगी, मंत्री, मुख्यमंत्री की होगी। चर्चा क्या चलती है वह अलग बात है, मैं उनको सलाह देना चाहूंगा कि बेटों को दूर रखो। विदेश मंत्री माफी मांगें, दलाली क्या होती है? गहलोत ने कहा कि जिस प्रकार के हालत में देश चल रहा है। समझना चाहिए कि इतना बड़ा हमारा हिंदुस्तान, उसके बाद भी पाकिस्तान को समझौता वार्ता में शामिल करने की बात की। क्योंकि ट्रंप डायलॉग करवाएंगे और दुर्भाग्य से हमारे विदेश मंत्री कह रहे हैं कि वो दलाली का काम कर रहा है। कोई विदेश मंत्री ऐसी भाषा काम में नहीं ले सकता है, जैसी भाषा उन्होंने काम में ली है। उन्होंने कहा कि दलाली क्या होती है? हो सकता है जुबान फिसल गई होगी, उनको माफी मांगनी चाहिए, उनकी आलोचना हो रही है। आप कैसे कर सकते हो कि दलाली कर रहा है। अगर दुनिया में कहीं पर शांति स्थापना होती है, हिंसा तो हिंसा होती है। जैसी खतरनाक स्थिति में आग लगी हुई है, वहां पर शांति स्थापना करने के लिए हर वर्ग को हर मुल्क को प्रयास करना चाहिए। उसमें आप कह रहे हो कि दलाली कर रहा है यह ठीक नहीं है। हम कहां से कहां पहुंच गए ? गहलोत ने कहा कि इस हालत में देश चल रहा है, लोग चिंतित है कि हमारी स्थिति क्या से क्या हो गई? हम कहां थे कहां पहुंच गए? इंदिरा गांधी का जमाना था, 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को आत्म समर्पण करवा दिया था। आज हमारी स्थिति क्या है, देश के सामने है अंतरराष्ट्रीय स्थिति क्या बनी हुई है? गैस को लेकर विकट बनती जा रही है स्थिति गहलोत ने कहा- गैस को लेकर स्थिति विकट बनती जा रही है। राहुल गांधी ने पहले ही चेताया था कि हमेशा सरकार लेट कर देती है। तैयारी समय पर करनी चाहिए थी। युद्ध के कारण से ऐसी स्थिति बनी है। अभी प्रधानमंत्री कल हाउस में बोले। तैयारी पहले नहीं की। आलोचना के शिकार भी हुए, यह अंतरराष्ट्रीय स्थिति बनी है, देश किस दिशा में जाएगा कोई नहीं जानता। पाकिस्तान की हमारे देश के सामने क्या हैसियत है ? गहलोत ने कहा- वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा करवा लिया, दुख इस बात का रहा कि दुनिया के किसी भी देश ने इसकी निंदा नहीं की। दुनिया के लिए यह बहुत बड़ा संकेत है। अब जो स्थिति बनी है। हमारे देश के सामने पाकिस्तान की क्या हैसियत है ? हर युद्ध में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। ऑपरेशन सिंदूर में भी देखा होगा, टर्की उसका साथ दे रहा था। हमारे साथ में कोई नहीं था।