पंजाब के मोगा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ईतु सोढ़ी की कोर्ट ने जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने की कोशिश के मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को तीन-तीन साल की कैद और 22-22 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। 2007 में बेची थी जमीन यह मामला सोढ़ी नगर, जीरा रोड के ज्ञान सिंह पुत्र मेहर सिंह की शिकायत पर आधारित है। ज्ञान सिंह ने जिला एसपी को दी शिकायत में बताया था कि फतेहगढ़ पंजतूर के गुरदेव सिंह और उसके भाई सुखदेव सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह ने 29 अक्टूबर 2007 को अपनी 10 कनाल 19 मरले जमीन उसे बेची थी। इस बिक्री के बाद माल विभाग द्वारा जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल भी ज्ञान सिंह के नाम पर कर दिया गया था, जिसके आधार पर उसका जमीन पर कब्जा हो गया था। जाली सरकारी दस्तावेज किए तैयार शिकायतकर्ता के अनुसार, गुरदेव सिंह और सुखदेव सिंह ने निशान सिंह, दविंदर सिंह उर्फ पाऊ और अर्जी नवीस करनैल सिंह की मदद से जाली सरकारी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने जमीन को दोबारा हथियाने का प्रयास किया और झूठी शिकायतें भी दर्ज कराईं। गवाहों के आधार पर पांचों दोषी करार पुलिस जांच के बाद गुरदेव सिंह, सुखदेव सिंह (दोनों निवासी फतेहगढ़ पंजतूर), निशान सिंह पुत्र कक्का सिंह, दविंदर सिंह उर्फ भाऊ और अर्जी नवीस करनैल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पेश किए सबूतों और गवाहों के आधार पर इन पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
