पंजाब भर के किसान और मजदूर संगठन सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए बठिंडा में एकजुट हुए। उन्होंने बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहा ने कहा कि बठिंडा एसएसपी ज्योति यादव और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उगराहा ने बताया कि कुछ दिन पहले रामपुरा फूल के गांव जिऊंद में सरकार जबरन जमीन अधिग्रहित कर रही थी। किसानों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इसके विरोध में गांव जिऊंद में किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। बठिंडा प्रशासन और पुलिस ने गांव जिऊंद में प्रदर्शनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियों से पीटा। इस कार्रवाई में एक किसान का पैर और एक हाथ टूट गया। इसके बावजूद पुलिस ने किसानों के खिलाफ मामले दर्ज कर दिए। आज किसान संगठन बठिंडा एसएसपी को खुली चुनौती देने आए हैं। उनकी मुख्य मांग है कि जिन पुलिसकर्मियों और बठिंडा एसएसपी ज्योति यादव ने किसानों को पीटा है, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में और भी कड़ा संघर्ष किया जाएगा।
