कला, शिल्प और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को एक समावेशी मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित जयपुर क्राफ्ट फेस्टिवल 2026 का दो दिवसीय आयोजन पालथी कैफे, जयपुर में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह फेस्टिवल पारंपरिक हस्तशिल्प, समकालीन कला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामुदायिक संवाद का अनूठा संगम साबित हुआ। आयोजन का उद्देश्य केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कलाकारों, शिल्पकारों, युवाओं, उद्यमियों और आम नागरिकों के बीच सार्थक संवाद और रचनात्मक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। फेस्टिवल में स्थापित विशेष ‘आर्टिस्ट वॉल’ पर युवा और उभरते कलाकारों ने अपनी विविध कलाकृतियां प्रदर्शित कीं। आगंतुकों को कलाकारों से सीधे संवाद करने और उनकी रचनात्मक प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। इस पहल ने कला को देखने के साथ-साथ उसे महसूस करने का भी अवसर प्रदान किया। लाइव क्राफ्ट स्टेशन पर दिखी परंपरा की झलक चार लाइव स्टेशनों पर पारंपरिक शिल्पकारों ने अपनी कला का सजीव प्रदर्शन किया। फ्लावर मेकिंग, ड्राई फ्लावर कार्ड मेकिंग, नैचुरल गुलाल निर्माण और पॉटरी (मिट्टी शिल्प) जैसी गतिविधियों ने दर्शकों को शिल्प निर्माण की बारीकियों से रूबरू कराया। प्रतिभागियों ने न केवल प्रक्रिया को देखा, बल्कि कई ने स्वयं भी इसमें सहभागिता की। विशेष ‘क्राफ्ट सर्कल’ सत्र में आर्ट थेरेपिस्ट द्वारा कला-आधारित गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति और आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया गया। इस सत्र ने कला को केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि उपचार और आत्म-खोज के माध्यम के रूप में भी प्रस्तुत किया। फेस्टिवल में स्थापित पॉडकास्ट स्टेशन पर कलाकारों, उद्यमियों और शिल्पकारों ने बदलते समय में कला और शिल्प के भविष्य पर विचार-विमर्श किया। संवाद सत्रों में रचनात्मक उद्योगों के अवसर, चुनौतियां और नवाचार जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। आगे पढ़ें जयपुर की अन्य खबरें…