भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देश के नन्हे दिमागों में विज्ञान की लौ जगाने के लिए अपने प्रतिष्ठित ‘युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम’ (YUVIKA – 2026) शुरुआत की है। विशेष रूप से कक्षा 9 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया यह कार्यक्रम अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में कदम रखने का एक बेहतरीन मंच है। इस पहल के माध्यम से, इसरो न केवल छात्रों को उपग्रहों और रॉकेटों की दुनिया से रूबरू कराएगा, बल्कि उन्हें देश के दिग्गज वैज्ञानिकों के सीधे मार्गदर्शन में काम करने का अवसर भी प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत 27 फरवरी से हो चुकी है। यह आवेदन 31 मार्च तक चलेंगे। क्या है ‘युविका’ और इसके मुख्य उद्देश्य यह दो सप्ताह का एक विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका प्राथमिक लक्ष्य उभरती प्रतिभाओं को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Space Technology), अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों पर बुनियादी ज्ञान प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों को कई पहलुओं का अनुभव मिलेगा। रॉकेट विज्ञान का ज्ञान: उपग्रहों और प्रक्षेपण यान (Rockets) के कार्य करने की तकनीक। व्यावहारिक अनुप्रयोग: यह समझना कि कैसे अंतरिक्ष तकनीक मौसम पूर्वानुमान, संचार और रिमोट सेंसिंग में मदद करती है। वैज्ञानिक संवाद: इसरो के शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद और प्रयोगशालाओं का भ्रमण। ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत 27 फरवरी, 2026 | आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 पहली चयन सूची की घोषणा 13 अप्रैल, 2026 दूसरी चयन सूची की घोषणा 20 अप्रैल, 2026 प्रशिक्षण की अवधि | 11 मई से 22 मई, 2026 ऐसे होगा चयन
कक्षा: आवेदक 1 जनवरी, 2026 तक कक्षा 9 में अध्ययनरत होना चाहिए। नागरिकता: छात्र का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। स्कूल: छात्र भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त (सरकारी या निजी) स्कूल का हिस्सा होना चाहिए। इसरो इस कार्यक्रम में ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को विशेष वरीयता देता है। चयनित छात्रों के रहने, खाने और यात्रा का पूरा खर्च स्वयं इसरो द्वारा वहन किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया और आवेदन कैसे करें चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, जो छात्र की पिछली शैक्षणिक योग्यता और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों (Extra-curricular activities) पर आधारित होगी। ऐसे करें आवेदन इच्छुक छात्र इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। ‘YUVIKA’ पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करें। आवेदन फॉर्म भरते समय पिछले वर्षों के रिपोर्ट कार्ड और सह-पाठ्यचर्या प्रमाण पत्र (जैसे खेल, क्विज़ या विज्ञान प्रदर्शनी) अपलोड करना अनिवार्य है। यह कार्यक्रम भारत के 7 विभिन्न इसरो केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा, जिससे छात्रों को देश के विभिन्न हिस्सों की वैज्ञानिक संस्कृति को समझने का मौका मिलेगा।
