मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में मंगलवार को भंडार की गिनती के दूसरे राउंड पूरे हुए। इसमें 6 करोड़ 95 लाख 50 हजार रुपए निकले। इससे पहले 20 सितम्बर को जब भंडार खोला गया था, तब पहले राउंड में 9 करोड़ 70 लाख रुपए गिने गए थे। अब तक दोनों राउंड मिलाकर कुल 16 करोड़ 65 लाख 50 हजार रुपए गिने जा चुके हैं। दो दिन नहीं हुई गणना, मंगलवार को हुआ दूसरा राउंड हर महीने की परंपरा के अनुसार अमावस्या से पहले चतुर्दशी के दिन भंडार खोला जाता है। इस बार भी 20 सितम्बर को चतुर्दशी के मौके पर भंडार खोला गया था। पहले ही दिन गिनती में 9 करोड़ 70 लाख रुपए सामने आए। अमावस्या के दिन मंदिर में भारी भीड़ रहती है, इसलिए उस दिन गिनती रोक दी गई। इसके बाद सोमवार को नवरात्रि स्थापना के कारण बैंक बंद थे। चूंकि गिनती बैंक अधिकारियों और मंदिर मंडल की निगरानी में होती है, इसलिए छुट्टी के दिन काम नहीं हो सका। सोने-चांदी का तौल होगा आखिरी दिन मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच गिनती का दूसरा दौर शुरू किया गया। इस बार भी दान की बरसात देखने को मिली। गिनती पूरी होने पर 6 करोड़ 95 लाख 50 हजार रुपए का आंकड़ा सामने आया। अभी केवल नकदी की गिनती हो रही है। सोने-चांदी का तौल और ऑनलाइन माध्यम से आए रुपयों का गिनना बाकी है। इसलिए कुल दान का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। यह काम काउंटिंग के आखिरी दिन किया जाएगा। सांवलियाजी मंदिर का भंडार सिर्फ मेवाड़ ही नहीं, पूरे राजस्थान और देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। यहां हर रोज हजारों भक्त पहुंचते हैं। कोई अपनी श्रद्धा के अनुसार सिक्का चढ़ाता है तो कोई सोने-चांदी के गहने अर्पित कर देता है। भक्तों का मानना है कि सांवलियाजी के दरबार में माथा टेकने से मन की मुराद पूरी होती है और हर संकट दूर हो जाता है। कड़ी सुरक्षा में हो रही है काउंटिंग गिनती के समय मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा रहती है। हर जगह पुलिस, गार्ड तैनात रहते है और सीसीटीवी कैमरों की नजर में पूरी प्रक्रिया होती है। बैंक अधिकारी और मंदिर समिति के सदस्य लगातार निगरानी रखते हैं। इस बार नवरात्रि का समय भी साथ आ गया है। मंदिर परिसर में चारों ओर रौनक है। भजन-कीर्तन की गूंज और भक्तों की भीड़ ने वातावरण को और भी पावन बना दिया है।