कोटा के रामगंजमंडी में बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री देर रात भक्त के घर चाय पीने पहुंचे। वो करीब आधा घंटा वहां रुके। ओर परिजनों से हाल चाल पूछे।दरअसल श्रीराम कथा के पहले दिन दो भक्त भावना और खुशबू ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा जताई ओर उन्हें राखी बांधी थी। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से निवेदन किया था कि वह उसके घर चाय पीने आए। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भी वचन दिया था कि वह तीन दिन यहां रामगंज मंडी में है तो उसके घर चाय पीने जरूर आएंगे। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बहनों से किया हुआ वायदा निभाया भी सही। देर रात 12 बजे अचानक रामगंज मंडी के वार्ड नंबर 3 में खुशबू और भावना राठौड़ के घर पहुंचे। धीरेद्र शास्त्री को घर में देख भावना और खुशबू राठौर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों बहनों की आंखों खुशियों के आंसू निकल गए। भावना ने कहा, मुझे विश्वास था, मेरे भाई मेरे घर चाय पीने जरूर आएंगे, अपना किया हुआ वादा पूरा करेंगे। भावना ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि वह दोनों बहने हैं। उनके कोई भाई नहीं है। इसलिए वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनना चाहती थी। उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। रामगंज मंडी में जब कथा करने आचार्य शास्त्री पहुंचे तो दोनों बहनों ने ठान ली कि वह अब अपनी इच्छा पूरी कर के रहेगी।और हुआ भी ऐसा ही आखिरकार में वो आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने और घर पर बुलाकर चाय पिलाने में सफल रही। दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौर और माता हेमलता राठौर ने आचार्य को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी। परंतु उनको विश्वास नहीं होता था। कई बार बेटी को समझाया भी की यह संभव नहीं है। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री कभी भी उसके घर चाय पीने नहीं आएंगे। लेकिन बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद है कि बेटियों का सपना पूरा हुआ और आज स्वयं आप भगवान के रूप में हमारे घर पधारे हैं। इस पर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि ‘आज से हम तुम्हारे भाई हैं भाई की कमी कभी महसूस मत करना’। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने लगभग आधा घंटा यहां रुके। उन्होंने बैठकर चाय पी और उसके माता-पिता व उपस्थित अन्य परिजनों से हाल-चाल पूछे। घर से विदा होने से पहले दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भावना व खुशबू के पिता लाल चंद्र राठौर को बागेश्वर धाम की तरफ से एक कूपन भी दिया।आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के साथ शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी मौजूद रहे।

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