आजमगढ़ में तीन बच्चों को कमरे में लेकर बंद हुए अरविंद सिंह को पुलिस करीब सात घंटे तक समझाती रही. एडीजी नवीन अरोड़ा के मुताबिक, अरविंद बच्चों को अपनी ढाल बताकर बाहर आने को तैयार नहीं था. अंदर से गोली चलने के बाद पुलिस ने स्टन और टियर गैस ग्रेनेड से एंट्री की. फायरिंग में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई.