FD Vs SIP: लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की बात हो, तो अक्सर SIP और FD की तुलना की जाती है। दोनों निवेश विकल्प बिल्कुल अलग हैं। एसआईपी में हर महीने थोड़ी रकम म्यूचुअल फंड में लगाई जाती है। जबकि एफडी में एकमुश्त रकम बैंक या वित्तीय संस्थान में तय अवधि के लिए जमा की जाती है। ऐसे में सवाल यह है कि आप 5 हजार रुपये हर महीने एसआईपी में डालें या 5 लाख रुपये की एफडी करा लें, तो 10 साल में कौन सा विकल्प ज्यादा पैसा बना सकता है? यहां सिर्फ रिटर्न ही महत्वपूर्ण नहीं है। निवेश का लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और पैसे की जरूरत कब पड़ेगी, ये बातें भी उतनी ही अहम हैं।
