जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मियों का हाई-वोल्टेज ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां प्रशासन की समझाइश के बाद एक महिला सहित तीन संविदा नर्सिंगकर्मी पानी की टंकी से नीचे उतरे, वहीं कुछ ही देर बाद दो अन्य संविदा नर्सिंगकर्मी फिर से दूसरी पानी की टंकी पर चढ़ गए। इससे पहले, निदेशक (अराजपत्रित) राकेश शर्मा शाम करीब 6:00 बजे बजाज नगर थाना क्षेत्र स्थित घटनास्थल पर पहुंचे थे, जिनकी समझाइश और आश्वासन के बाद तीनों नर्सिंगकर्मी सुरक्षित नीचे उतरे। नीचे उतरने के बाद तीनों नर्सिंगकर्मियों को तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) के लिए जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया। सोमवार को इस मसले पर नर्सिंगकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव (प्रिंसिपल सेक्रेटरी) गायत्री राठौड़ से करवाई जाएगी। दूसरी तरफ, संविदा नर्सिंगकर्मी रामभरत और भरतलाल मीणा शनिवार रात करीब 9:10 बजे एसएमएस (SMS) अस्पताल परिसर में चरक भवन स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। संविदा नर्सिंगकर्मी कहा- पुलिस ने हमारे तीन साथियों का ब्रेनवाश (ब्रेनवॉश) करके उन्हें नीचे उतारा है। पुलिस ने उनके परिजनों पर दबाव बनाया और फोन पर बात करवाकर उन्हें जबरन नीचे उतारा गया। मांग मेरिट प्लस बोनस अंकों (10, 20, 30 अंक) के आधार पर नियुक्ति देने की है और जब तक सरकार इस पर स्थिति साफ नहीं करेगी, वे नीचे नहीं उतरेंगे। टंकी से वीडियो जारी कर दी जान देने की चेतावनी टंकी पर चढ़े नर्सिंगकर्मियों ने एक वीडियो जारी कर कहा- इंकलाब साथियों! हमारी यह लड़ाई यूं ही बरकरार रहेगी। हमारे साथियों को जयपुरिया अस्पताल के पास स्थित पानी की टंकी से जबरदस्ती उतारा गया है, लेकिन अब हम एसएमएस के पास स्थित टंकी पर चढ़ चुके हैं। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती, हम नीचे नहीं उतरेंगे। हमें मरना मंजूर है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि हमारे साथ बहुत अन्याय हो रहा है। 6 साल काम किया, अब दो बच्चों का ख्याल कौन रखेगा? वीडियो में दूसरे साथी ने कहा-,हमने 6-6 साल तक संविदा पर काम किया है। मेरी उम्र 36 साल हो चुकी है और मेरे दो बच्चे हैं, उनका ख्याल कौन रखेगा? हमें इस नौकरी के लिए बहुत परेशान होना पड़ रहा है। संविदा साथियों से भी तुरंत एसएमएस के पास चरक भवन की टंकी के पास पहुंचने का आह्वान किया और कहा- यह आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
एक दिन पहले टंकी पर चढ़े थे दरअसल, संविदा नर्सिंगकर्मी विमल शर्मा (32), रॉबिन शर्मा (28) और संजीता चौधरी (30) शुक्रवार तड़के 3:40 बजे जयपुरिया हॉस्पिटल परिसर की टंकी पर चढ़ गए थे। शनिवार को दूसरे दिन भी तीनों पानी की टंकी पर मौजूद हैं। मौके पर पुलिस के साथ ही सिविल डिफेंस की टीम भी मौजूद है। स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिला प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं में हजारों नर्सिंगकर्मी कई साल से कार्यरत हैं। इनमें NHM, NRHM, संविदा, निविदा, UTB, प्लेसमेंट एजेंसी, PPP मोड, MRS, NGO, 108, 104-ममता, MMU, MMV और जनता क्लिनिक शामिल हैं। इनमें से कई कर्मचारियों को 8 से 10 साल या उससे ज्यादा समय हो चुका है। लेकिन अब तक उन्हें नियमित (स्थायी) नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सका है। ये भी पढ़ें… जयपुर में टंकी पर चढ़े 3 नर्सिंगकर्मी, समर्थक भी पहुंचे:बोले-नियम बदले बिना ANM और नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती हो; सिविल डिफेंस ने लगाया जाल जयपुर में एक महिला सहित 3 संविदा नर्सिंगकर्मी 90 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनकी मांग है कि सरकार नर्सिंग ऑफिसर के 12 हजार और ANM के 7 हजार पदों पर जल्द भर्ती निकाले। इस भर्ती प्रक्रिया को मेरिट और बोनस अंक के आधार पर कराए। (पूरी खबर पढ़ें)